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Rampur News: ओलावृष्टि से बर्बादी पर गुस्साए किसान, अफसर नहीं पहुंचे हाईवे किया जाम
Sun, 11 Oct 2026 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:54 AM IST
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बिलासपुर। शुक्रवार को क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि, बारिश और तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी। धान की पकी फसल जमीन पर बिछ गई तो गन्ना आंधी में टूट गया। इसी नुकसान को लेकर शनिवार सुबह करीब 10 बजे नैनीताल हाईवे स्थित कौशलगंज गुरुद्वारे में किसानों ने पंचायत बुलाई। जिसमें ट्रैक्टर ट्रालियों से पहुंचे 50 से अधिक गांवों के किसानों ने दोपहर तक अफसरों के मौके पर न पहुंचने, सर्वे शुरू नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की। कुछ देर बाद ही किसानों ने नैनीताल हाईवे पर दरिया बिछाकर धरना शुरू कर दिया और हाईवे जाम कर दिया। जिससे प्रशासन में भी खलबली मच गई। करीब आधे घंटे बाद एसडीएम ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
किसान पंचायत में जिला पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि इस बार कुदरत ने किसानों पर दोहरी मार की है। तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय तेजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि ओले इतने बड़े थे कि खेत में खड़ी धान की बालियां झड़ गईं, अब सर्वे में देरी हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि सरकार को बिना भेदभाव सभी किसानों का नुकसान देखना चाहिए। किसान नेता मोहम्मद हनीफ बरसी ने कहा कि तूफान से गन्ना टूट गया, धान सड़ने लगा है, तत्काल मुआवजा मिलना चाहिए। पंचायत में लिए गए निर्णय के अनुसार किसानों ने अपना ज्ञापन देने के लिए अफसरों का इंतजार किया। जब दोपहर एक बजे तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो किसान भड़क गए। सभी किसान शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बंगाली कॉलोनी मोड़ स्थित नैनीताल हाईवे पर दरियां बिछाकर बैठ गए। धरना प्रदर्शन देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। सूचना मिलते ही आनन फानन में एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया, सीओ पीपी सिंह, तहसीलदार अक्षय कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान सीओ किसानों पर जबरन हाईवे खाली करने का दबाव बनाने लगे, इससे किसान और भड़क गए। किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी और कहा कि पहले उन्हें जेल भेजा जाए, उसके बाद ही हाईवे खाली होगा। चिलचिलाती धूप में हाईवे पर रुद्रपुर और रामपुर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, पुलिस प्रशासन असमंजस में पड़ गया। बाद में एसडीएम ने कमान संभाली और आक्रोशित किसानों को शांत किया। किसानों ने ज्ञापन सौंपकर खराब फसलों का ईमानदारी से सर्वे और शीघ्र मुआवजे की मांग की। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात सामान्य कराया। एसडीएम ने बताया कि किसान करीब आधा घंटे हाईवे पर बैठे थे, समझाकर हटा दिया गया। खराब फसलों का सर्वे कराया जा रहा है, सर्वे के बाद पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
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किसान पंचायत में जिला पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि इस बार कुदरत ने किसानों पर दोहरी मार की है। तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय तेजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि ओले इतने बड़े थे कि खेत में खड़ी धान की बालियां झड़ गईं, अब सर्वे में देरी हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि सरकार को बिना भेदभाव सभी किसानों का नुकसान देखना चाहिए। किसान नेता मोहम्मद हनीफ बरसी ने कहा कि तूफान से गन्ना टूट गया, धान सड़ने लगा है, तत्काल मुआवजा मिलना चाहिए। पंचायत में लिए गए निर्णय के अनुसार किसानों ने अपना ज्ञापन देने के लिए अफसरों का इंतजार किया। जब दोपहर एक बजे तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो किसान भड़क गए। सभी किसान शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बंगाली कॉलोनी मोड़ स्थित नैनीताल हाईवे पर दरियां बिछाकर बैठ गए। धरना प्रदर्शन देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। सूचना मिलते ही आनन फानन में एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया, सीओ पीपी सिंह, तहसीलदार अक्षय कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान सीओ किसानों पर जबरन हाईवे खाली करने का दबाव बनाने लगे, इससे किसान और भड़क गए। किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी और कहा कि पहले उन्हें जेल भेजा जाए, उसके बाद ही हाईवे खाली होगा। चिलचिलाती धूप में हाईवे पर रुद्रपुर और रामपुर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, पुलिस प्रशासन असमंजस में पड़ गया। बाद में एसडीएम ने कमान संभाली और आक्रोशित किसानों को शांत किया। किसानों ने ज्ञापन सौंपकर खराब फसलों का ईमानदारी से सर्वे और शीघ्र मुआवजे की मांग की। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात सामान्य कराया। एसडीएम ने बताया कि किसान करीब आधा घंटे हाईवे पर बैठे थे, समझाकर हटा दिया गया। खराब फसलों का सर्वे कराया जा रहा है, सर्वे के बाद पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
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