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रामपुर और निरमंड में किसानों और मजदूरों का प्रदर्शन

Wed, 26 May 2021 10:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 10:21 PM IST
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farmer protest against framen law in rampur and nirmand
रामपुर बुशहर। अखिल भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रामपुर और निरमंड में अखिल भारतीय काला दिवस मनाया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। सीटू ने कहा कि मजदूर और कर्मचारी विरोधी सरकार के खिलाफ भविष्य में भी आंदोलन जारी रहेंगे।
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केंद्र की कारपोरेट परस्त, तानाशाही, सांप्रदायिक सत्ता के 7 वर्ष पूरा होने और इस सरकार का कृषि विरोधी तीन काले कानूनों को पारित करने, बिजली कानून में संशोधन, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने से इंकार करने, श्रम संहिता के जरिये मजदूरों कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने और किसान आंदोलन की उपेक्षा के खिलाफ सीटू से संबंधित सभी यूनियनों ने काला दिवस मनाया। काला दिवस मनाकर सीटू ने दिल्ली में छह महीने से संघर्षरत किसानों के साथ मजदूरों की एकजुटता जाहिर की।
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सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह और राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, जिला कमेटी सदस्य रंजीत ठाकुर ने बताया कि 26 मई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हुए हैं। इसी दिन संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के छह माह पूरे हो रहे हैं। मोदी सरकार की मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियों के कारण जनता को मौत के मुंह पर और देश को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा किया है। महामारी के दौर में लाखों लोग हर रोज संक्रमित हो रहे हैं, जिसके लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार ही जिम्मेदार है।
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प्रदर्शन के माध्यम से सीटू ने सभी का इलाज मुफ्त करने, महंगाई पर रोक लगाने, सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने, महामारी जारी रहने तक 10 किलो प्रति व्यक्ति मुफ्त राशन देने, अस्पतालों में तुरंत आक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था करने, डॉक्टर, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती अविलंब करने, प्रत्येक परिवार को 7500 रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद देने की मांग की है।

सीटू ने कोविड नियमों की पालना करते हुए मनरेगा कार्य शुरू करने और मनरेगा वर्कर को 700 रुपये दिहाड़ी, 200 दिन का रोजगार देने और किसान मजदूरों के लिए बनाए गए कानूनों को रद्द करने की मांग उठाई। इस मौके पर राजेश, पोविंद्र शर्मा, चंद्र शर्मा, देवेंद्र, सुशीला, दुर्गा सिंह, रामदास, हेमराज, नीलदत्त, राज कुमार, रिंकू राम, जसबीर, कांशी राम, कश्मीरी, परमिंदर, सुमित्रा, ईश्वर, सुनामनी और आशा सहित अन्य मौजूद रहे।
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