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हस्तकला म्यूजियम में बन रहे पारंपरिक उद्योगों के फैक्टरी आउटलेट्स

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 11:33 PM IST
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Factory outlets of traditional industries being built in handicraft museum
रामपुर में हस्तकला म्यूजियम और वहां बन रही फैक्ट्री आउटलेट्स का निरीक्षण करती सीडीओ गजल भारद्वा - फोटो : RAMPUR
रामपुर। हस्तकला म्यूजियम में रामपुर के पारंपरिक उद्योगों की फैक्टरियों के आउटलेट्स बन रहे हैं। इनका संचालन महिला मैनेजर करेंगी। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने हस्तकला म्यूजियम का निरीक्षण किया।
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उन्होंने जरी-जरदोजी, टोपी, पतंग वायलिन आदि रामपुर के पारंपरिक उत्पादों से जुड़े कारीगरों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि रामपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां हुआ करती थीं, जो स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं। जनपद के आकर्षक उत्पादों से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करने तथा उनके उद्यम को पुनर्जीवित करने के लिए आउटलेट्स बनाए जा रहे हैं। इन कारीगरों को कस्टमाइज्ड ऑर्डर्स तैयार करने के लिए टेक्निकल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें ग्राहक अपनी पसंद के फैब्रिक और डिजाइन पर रामपुरी अंदाज में दबका जरदोजी और मोती वर्क कराने के ऑर्डर्स दे सकेंगे। इसी तरह चटापटी पटापटी दुपट्टे या साड़ी के लिए अपनी पसंद के रंग, फैब्रिक और डिजाइन के ऑर्डर देने के लिए ये वन स्टॉप सेंटर के रूप में काम करेगा। हस्तकला केंद्र में प्रशिक्षण एवं उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें उद्यमी भी शामिल होंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष जोर दिया जाएगा, इसके लिए डूडा एवं एनआरएलएम के कन्वर्जेन्स के माध्यम से समूह की महिलाओं को इन फैक्टरी आउटलेट्स के मैनेजर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ड्राइंग, मार्केटिंग और डिजिटल ऑर्डरिंग एंड डिलीवरी सिस्टम का टेक्निकल सपोर्ट संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी जुलाई में आयोजित होगा।
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विभिन्न सरकारी योजनाओं का कन्वर्जेन्स
रामपुर। इस कन्वर्जेंस में उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, खादी ग्रामोद्योग, डूडा, आरसेटी और एनआरएनएम द्वारा संयुक्त रूप से रणनीति तैयार होगी। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस पूरे प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि भविष्य में फैब्रिक, रंग, एम्ब्राइडरी और डिजाइनिग का ऑर्डर यहां के प्रशिक्षित कारीगरों को मिलें और वे कस्टमाइज कपड़ों पर मांग के अनुसार डिजाइन तैयार करके खरीदार को घर तक उपलब्ध करा सकें। इसके साथ ही खादी ग्रामोद्योग के फैब्रिक को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा, जिसके लिए खड़ी ग्रामोद्योग का आफिस भी वहीं संचालित किया जाएगा।
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