रामपुर। दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म दिवस मनाया गया। ब्रह्मचर्य को जीवन में अपनाने पर बल दिया। संगीतमय आरती के दौरान महिलाओं ने देर तक नृत्य किया। रविवार को सुबह सिविल लाइंस स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पहले भगवान श्रीजी का अभिषेक हुआ। शांतिधारा के बाद आरती उतारी गई। शाम को संगीतमय आरती हुई। अपने प्रवचन में मथुरा चौरासी से आए पंडित रितेश शास्त्री ने कहा कि जिसने ब्रह्मचर्य को अपने जीवन में अंगीकार कर लिया उसका मोक्ष जाना तो निश्चित ही है, वह अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर लेता है। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जैन, शिखर चंद जैन, महेश जैन, संजय जैन, जितेंद्र कुमार जैन, सीमा जैन, अलका जैन, शोभना, नीता जैन, मुस्कान जैन, प्रज्ञा जैन, अमित बिहारी, डॉक्टर शीनू जैन, दिनेश कुमार जैन, रमेश जैन आदि मौजूद रहे। फूटा महल स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में संगीतमय महाआरती का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाएं सजधज कर आरती के थाल लेकर मंदिर में पहुंची थीं। 108 दीपों से संगीतमय आरती के दौरान महिलाएं देर तक भक्तिभाव में खोकर नृत्य करती रहीं। टीकमगढ़ से आए पंडित विवेक शास्त्री ने कहा कि जैसा ब्रह्मचर्य जीवन में आ जाएगा सुख की अनुभूति स्वत: ही हो जाएगी। विचार बिंदु की श्रृंखला में गर्वित जैन ने रेवती रानी पर अपने विचार रखे। निर्भय जैन ने भजन प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जैन एवं डॉ. उषा जैन के द्वारा कराया गया। कृष्ण चंद जैन, दिनेश चंद खंडेलवाल,वीरेंद्र जैन, डॉक्टर डॉ रमा, भारत भूषण जैन, नितिन जैन, नवीन जैन, डॉ प्रदीप कुमार जैन, अंजू जैन, प्रमोद कुमार जैन, आशीष जैन, विशाल जैन आदि मौजूद रहे। दशलक्षण पर्व के समापन पर पर्यूषण पर्व संयोजक डॉ प्रदीप कुमार जैन एवं कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर शीनू जैन व सह संयोजक शुभम जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।