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Rampur News: कभी अपनी रौनक से खींच लेती थीं नवाब की इमारतें, अब हुईं बदहाल
Sun, 20 Sep 2020 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Sep 2020 01:58 AM IST
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नवाब की कोठी...
- फोटो : अमर उजाला
रियासत काल के दौरान रामपुर में कई शानदार इमारतों का निर्माण कराया गया है। रियासत के विलय के वक्त अधिकांश इमारतें तो सरकार को सौंप दी गई थीं, लेकिन पांच अचल संपत्तियों (इमारतों) को तत्कालीन नवाब रजा अली खां ने अपने पास रख लिया था। ये इमारतें देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग ने इन इमारतों जो मूल्यांकन किया है उसमें इनकी वर्तमान स्थिति को ही ध्यान में रखा है।
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रामपुर में लगभग 176 साल तक नवाबों का शासन रहा है, जो रियासत के भारतीय गणराज्य में विलय में तक जारी था। नवाबों ने खासतौर पर हामिद अली खां ने अपने शासन काल में कई भवनों और इमारत का निर्माण कराया था। किला भी उनके ही शासन काल के दौरान बनकर तैयार हुआ था। रियासत का जब विलय हुआ तो अधिकांश इमारतें सरकार को सौंप दी गई थी। इन इमारतों में कलक्ट्रेट, जिलाधिकारी का निवास, एसपी निवास, रजा लाइब्रेरी की बिल्डिंग शामिल है।
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नवाब की कई इमारतों में सरकारी दफ्तर भी चलते हैं। विलय के वक्त ने नवाब ने अपने पास कोठी खासबाग, कोठी शाहबाद, कोठी बेनजीर, कुंडा और नवाब का रेलवे स्टेशन अपने पास रख लिया था। नवाब रजा अली खां के निधन के बाद देखरेख के अभाव में ये इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। नवाब की संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया के तहत इन इमारतों की कीमत का आकलन लोक निर्माण विभाग से कराया गया है।
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लोक निर्माण विभाग ने इन इमारतों का मूल्यांकन इनकी वर्तमान स्थिति के आधार पर किया है। लोक निर्माण विभाग ने वैसे तो कोठी खासबाग की कीमत का आकलन 4158.60 लाख रुपये किया था, लेकिन वर्तमान स्थिति के हिसाब से इसकी कीमत 2136.70 लाख रुपये आंकी गई है। इसी तरह से कोठी बेनजीर की कीमत 164.90 लाख रुपये आंकी गई, लेकिन वर्तमान स्थिति के हिसाब से इसका मूल्य मात्र 22.70 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
शाहबाद कोठी की कीमत 875.80 लाख रुपये आंकी गई, लेकिन वर्तमान स्थिति के हिसाब 156.40 लाख रुपये ही मूल्य निर्धारित किया गया है। इसी तरह से नवाब के रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग की कीमत 78.10 लाख रुपये की बजाए वर्तमान स्थिति को देखते हुए 18.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नवाब के पिकनिक प्लेस कुंडा की कीमत 10.90 लाख के बदले 5.80 लाख रुपये आंकी गई है। लोक निर्माण विभाग ने इन इमारतों की कीमत का निर्धारित इनकी वर्तमान स्थिति के हिसाब से किया है।
इमारतों को संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा: नवेद मियां
नवाब रजा अली खां के पौत्र नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां का कहना है कि ये इमारतें हमारे लिए धरोहर हैं। इनको संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि ये इमारतें मेरी देखरेख में होती तो इनकी स्थिति ऐसी नहीं होती। इनकी कीमत आकलन इससे कहीं अधिक किया गया होता।