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19.71 करोड़ की दरकार के चलते अधर में लटकी हैं पेयजल योजनाएं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 01:06 AM IST
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Drinking water schemes are hanging in the balance due to the need of 19.71 crores
रामपुर। धनाभाव में बिलासपुर एवं टांडा की पेयजल परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। दोनों प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए जल निगम को अभी करीब 19.71 करोड़ रुपये की दरकार है। लेकिन, शासन से कई बार धन की मांग करने के बाद भी अब तक विभाग को धन प्राप्त नहीं हो सका है। ऐसे में दोनों नगर पालिका क्षेत्रों की करीब एक लाख की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है।
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बिलासपुर एवं टांडा नगर पालिका क्षेत्र की आबादी की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए 2017 में पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। टांडा पेयजल पुर्नगठन योजना के तहत क्षेत्र में तीन ओवरहैड टैंक बनाए जाने थे, जबकि 47.87 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी। 19.14 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत तब शासन की ओर से 11.92 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए थे, जिससे महज 74 फीसदी काम ही पूरा हो सका। इसमें तीनों ओवरहैड टैंक तो बन गए हैं, लेकिन जोन तीन को छोड़कर जोन वन एवं टू में पानी की सप्लाई की जा रही है। करीब 50 हजार आबादी वाले इस क्षेत्र में महज 10 हजार आबादी तक ही पानी की सप्लाई पहुंच पा रही है, जबकि बाकी आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है।
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बिलासपुर पुनर्गठन पेयजल परियोजना की बात की जाए तो नगर पालिका क्षेत्र को चार जोन में बांटा गया था। इसमें चारों जोन में अलग-अलग ओवरहैड टैंक बनाने के साथ ही पूरे इलाके में 45.87 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी। 19.49 करोड़ रुपये की इस योजना में शासन ने महज सात करोड़ रुपये ही जारी किए। यह पैसा पूरी तरह से खर्च भी हो गया, लेकिन पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। जोन तीन का तो ओवरहैड टैंक भी नहीं बन सका है। ऐसे में सरकार की अनदेखी की वजह से क्षेत्र की करीब 50 हजार की आबादी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान है। हालांकि, जल निगम की ओर से शेष 19.71 करोड़ रुपये जारी करने के लिए कई बार शासन को लिखा गया, लेकिन अब तक धन जारी नहीं हो सका। ऐसे में धन जारी न होने की वजह से परियोजनाओं पर अब तक खर्च हुए धन का भी कोई लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
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ये थी टांडा पेयजल पुर्नगठन योजना
परियोजना की लागत - 19.14 करोड़
जोन वन में 1700 किलोलीटर क्षमता का ओवरहैड टैंक और 15.57 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी
जोन टू में 1600 किलोलीटर क्षमता का ओवरहैड टैंक और 13.50 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी
जोन थ्री में 1250 किलोलीटर क्षमता का ओवरहैड टैंक और 14.80 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी
परियोजना पर अब तक खर्च हुई धनराशि - 11.92 करोड़
परियोजना पूर्ण करने के लिए धनराशि की जरूरत - 7.22 करोड़
ये थी बिलासपुर पेयजल पुनर्गठन योजना
परियोजना की लागत - 19.49 करोड़
जोन वन में 300 किलोलीटर का ओवरहैड टैंक और 2.30 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
जोन टू में 180 किलोलीटर का ओवरहैड टैंक और 11.90 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
जोन थ्री में 1700 किलोलीटर का ओवरहैड टैंक और 20.19 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
जोन चार में 750 किलोलीटर का ओवरहैड टैंक और 11.48 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
परियोजना पर अब तक खर्च हुई धनराशि - सात करोड़
परियोजना पूर्ण करने के लिए धनराशि की जरूरत - 12.49 करोड़
क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
मोहल्ले में शुद्ध पेयजल की बहुत अधिक दिक्कत थी, लेकिन ओवरहैड टैंक के बनने से क्षेत्र के कुछ इलाकों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। बाकी, लोग निजी संसाधनों के जरिये पानी की आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं। ऐसे में अधूरी पेयजल परियोजनाओं को पूरा कराया जाना जरूरी है।
- तरुण सैनी, टांडा, रामपुर
ओवरहैड टैंक का निर्माण कार्य पूूरा न होने की वजह से क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल की दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि अधूरी पेयजल परियोजनाएं तेजी से पूरी कराई जाएं, जिससे लोगों की पानी की समस्या दूर हो जाए।
- रेहान, टांडा, रामपुर
क्षेत्र में पानी की बड़ी समस्या है। लोग निजी संसाधनों के सहारे पेयजल की आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए की अधूरे काम जल्द पूरे कराए, जिससे क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल मयस्सर हो सके।
- मशर्रत जहां, बिलासपुर, रामपुर
सरकार की ओर से पानी की समस्या को दूर कराने के लिए बिलासपुर में बड़े पैमाने पर काम शुरू कराया गया था। लेकिन, अब तक ये काम पूरे नहीं हो सके हैं। इन अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।

- अली रजा खां, बिलासपुर, रामपुर
बिलासपुर एवं टांडा की पेयजल परियोजनाएं धनाभाव में लटकी हुई हैं। शासन से विभाग को जितना धन मिला था, उतना काम करा दिया गया है। अब जैसे ही शेष धनराशि आएगी, तो बाकी का काम भी करा दिया जाएगा। हमने धन की मांग कर रखी है।
- मोहित राय, अधिशासी अभियंता, जल निगम, रामपुर
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