फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   dr. taiba not able for delivery cases

प्रसव कराने के काबिल नहीं हैं डॉ. तैयबा

Thu, 17 Dec 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर Updated Thu, 17 Dec 2015 11:37 PM IST
विज्ञापन
dr. taiba not able for delivery cases
महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन कटने के मामले में जेल में बंद महिला अस्पताल की संविदा डॉक्टर तैयबा प्रसव कराने के लिए काबिल ही नहीं है। वो तो सहायक के तौर पर काम कर सकती हैं। ये खुलासा सीएमओ ने कोर्ट को भेजी अपनी रिपोर्ट में किया है।
विज्ञापन



सीएमओ की इस रिपोर्ट के बाद महिला अस्पताल के कामकाज पर फिर सवाल खड़ा हो गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि डॉ. तैयबा प्रसव कराने के लिए काबिल नहीं है तो उस दिन प्रसव कैसे करा रही थीं।
विज्ञापन



जिला अस्पताल में भी मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां पर जिस डाक्टर के भरोसे मरीज की जान है, वो तो इलाज करने योग्य भी नहीं है। ऐसा खुलासा सीएमओ की ओर से कोर्ट को भेजी गई रिपोर्ट में हुआ है। महिला अस्पताल में पिछले माह प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन कटने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



परिजनों ने आरोप लगाया था कि डाक्टर ने अमानवीय तरीके से प्रसव कराया था। नवजात के कमर में कमरबंद बांधकर खींचा गया था। इससे नवजात का धड़ तो बाहर आ गया, लेकिन सिर गर्भ में फंस गया। मामले में डॉ. तैयबा और नर्स माधुरी सिंह को आरोपी बनाया गया था। डॉक्टर इस वक्त जेल में हैं, जबकि माधुरी को जमानत मिल चुकी है।


जेल में बंद डॉक्टर ने जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी डाली थी। कोर्ट ने सीएमओ से रिपोर्ट तलब की थी। कोर्ट के आदेश पर सीएमओ ने जो रिपोर्ट भेजी है वो चौकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. तैयबा प्रसव कराने के योग्य ही नहीं है।


वो बतौर सहायक के रूप में ही कार्य कर सकती हैं। सीएमओ की इस रिपोर्ट के बाद महिला अस्पताल के कामकाज पर भी सवाल उठने लगा है। इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि महिला अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है।



महिला अस्पताल की डॉ. तैयबा की जमानत अर्जी पर सेशन कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया है। इससे पहले अभियोजन की ओर से सीएमओ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट को भी पेश किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed