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Rampur News: कोलकाता में दुष्कर्म के बाद महिला चिकित्सक की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे डॉक्टर

Sun, 18 Aug 2024 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Sun, 18 Aug 2024 01:55 AM IST
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Doctors took to the streets to protest against the murder of a female doctor after rape in Kolkata
रामपुर। कोलकाता में दुष्कर्म के बाद महिला चिकित्सक की हत्या के मामले की आंच रामपुर तक दिखाई दी। शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े चिकित्सकों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ आंबेडकर पार्क से लेकर कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला, जिसमें आरोपियों को फांसी देने की मांग की। मामले को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। वहीं निजी अस्पतालों की ओपीडी भी दिनभर बंद रही, जिससे मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ा। जबकि जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर मरीजों को देखा। आईएमए ने 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है जो शनिवार सुबह छह बजे रविवार सुबह छह बजे तक जारी रहेगी।
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कोलकाता कांड को लेकर देशभर में गुस्सा है। इसी मामले को लेकर आईएमए के बैनर तले निजी चिकित्सकों ने महिला चिकित्सक के साथ हुए दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में जोरदार प्रदर्शन किया। जबकि सरकारी डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर घटना को लेकर रोष जताया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे सभी चिकित्सक आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए और फिर यहां से एक जुलूस के रूप में पैदल मार्च किया। जगह-जगह आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की और लोगों से महिला चिकित्सक को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई। सभी चिकित्सक कलक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे। सभी ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। आईएमए के अध्यक्ष तनवीर अहमद खां ने कहा कि डॉक्टरों और अस्पतालों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना ने अस्पताल में हिंसा के दो अपराधों को सामने लाकर खड़ा कर दिया है। महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थानों की कमी के कारण होने वाले बर्बर पैमाने का अपराध और एक संगठित सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी के कारण होने वाली गुंडागर्दी, अपराध और बर्बरता ने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। आज चिकित्सा जगत और राष्ट्र दोनों पीड़ित है। इसके बाद सभी निजी चिकित्सक वापस रवाना हो गए। आईएमए के सचिव नितिन कुमार ने बताया कि एक दिन की ओपीडी को बंद किया गया है। इसके आगे की कार्रवाई के लिए प्रदेश आह्वान पर निर्देश के साथ गतिविधियां रहेंगी। इस अवसर पर डॉ. हिमांशू गुप्ता, डॉ. सुरभि वर्मा, डॉ. पदमा गुप्ता, डॉ. आदर्श गुप्ता, डॉ. फवाद शम्सी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अनिल जैन, डॉ. एसके जैन, डॉ. आरिफ सिद्दीकी, डॉ. पीके पुरोहित, डॉ. मो. आसिम, डॉ. विक्रम लाल, डॉ. संदीप पाल, डाॅ. प्रदीप कुमार, डॉ. विशेष कुमार, डॉ. मो. इरफान, डॉ. राजन माथुर आदि मौजूद रहे।
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दे रहीं चिकित्सकों की मांगें
-नीतिगत स्तर पर डॉक्टराें और अस्पतालों पर हिंसा को स्वीकार करने की अनिच्छा में बदलाव।
-सभी अस्पतालों का सुरक्षा सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और प्रोटोकाल का पालन हो।
-समय सीमा में अपराध की सूक्ष्म और अनुकरणीय दंड मिलें।
-पीड़ित परिवार को क्रूरता के अनुरूप उचित और सम्मान जनक मुआवजा दिया जाए।

क्या बोले चिकित्सक
समाज में इस तरह की घटनाएं घटित होती हैं तो मानवता तार-तार होती है। इस तरह के मामले को पुलिस और प्रशासन को गंभीरता से लेकर निस्तारण करना चाहिए। - डॉ. राजीव अग्रवाल
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कोलकाता में जो घटना हुई हैं वह बेहद शर्मनाक है। समाज में जब इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं तो लगता है कि लाेगों में इंसानियत ही नहीं बची है। आरोपियों कड़ी सजा होनी चाहिए। -डॉ. महमूद
कोलकाता का जो मामला है यह काफी शर्मनाक है। एक चिकित्सक दूसरों को जीवन देता है और वहीं लोग इतनी बेरहती दिखाते हैं। लोगों में संवेदनाएं नहीं रह गई हैं। - डॉ. विजय कुमार
इस घटना के बाद सरकार को चिकित्सकों के लिए एक ठोस कदम उठाना होगा। नियम कानूनों में सख्ती करना होगा, ताकि आगे से इस तरह की घटनाएं न दोहरा सकें। आरोपियों को सजा होनी चाहिए। - डॉ. राजन माथुर

निजी अस्पतालों में पसरा रहा सन्नाटा, ओपीडी रही बंद
रामपुर। कोलकाता कांड को लेकर निजी चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया। जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों में भटकते रहे। कई मरीज अस्पतालों में आकर लौट गए
शनिवार सुबह निजी चिकित्सालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ तीमारदार अपने मरीजों को लेकर अस्पतालों की तरफ दौड़े, लेकिन यहां पर ओपीडी बंद होने के चलते उल्टे पांव लौट गए। कई लोगों ने अस्पताल खुलने के बारे में पूछा भी तो सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि शनिवार होने के चलते मरीज अधिक नहीं दिखाई दिए, सिर्फ रूटीन चेकअप वाले मरीजों की आवाजाही लगी रही। ऐसी स्थिति में कई मरीज तो सरकारी अस्पताल निकल गए तो कुछ का इलाज रेगुलर चल रहा था तो वह अपने घरों को निकल गए। इस बीच कई बार चिकित्सकों के नंबर पर कॉल करके भी मरीजों ने सलाह ली है।
पूरे दिन घनघनाते रहे फोन
शहर के निजी चिकित्सालयों में पूरे दिन रिसेप्शन पर फोन घनघनाते रहे। दरअसल, मरीजों के इन अस्पतालों में पहले से नंबर लगाना पड़ता है। ऐसे में कई लोगों ने हड़ताल के विषय में जानकारी लेकर अगले नंबर के बारे में पूछताछ की।
सरकारी अस्पताल में बढ़ गई भीड़
शहर के जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने की हड़ताल नहीं थी, जिसके चलते निजी चिकित्सालयों में जो लोग नहीं दिखा सके। उन्होंने सरकारी अस्पताल की तरफ रुख कर दिया और अपने मरीज को दिखाया।


क्या कहते हैं मरीज

मैं रेगुलर चेकअप कराती हूं। आज जब अस्पताल में आई तो यहां पर मरीजों को नहीं देख रहे थे। जानकारी के बाद पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। ऐसे में अब वापस जा रही हूं। -सुमिति गुप्ता
चिकित्सक हड़ताल पर हैं और अपने मरीज को दिखाना था, लेकिन अब हड़ताल खत्म होने के बाद दिखाएंगे, या फिर सरकारी अस्पताल में चेकअप करा लेंगे। -विशाल गुप्ता
निजी अस्पतालों में हर जगह सन्नाटा पसरा हुआ है। मरीज को दिखाने के लिए बैठे थे, काउंटर पर जब पूछताछ की तो बताया कि आज नहीं देखेंगे तो अब वापस जा रहे हैं। -अक्षित

मैं डॉक्टर को दिखाने के लिए आई थी, लेकिन पूरे परिसर में सन्नाटा है। डॉक्टरों की हड़ताल है। किसी ने यह नहीं बताया कि यह हड़ताल के बाद अब आना कब है। -नीलम
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