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Rampur News: डायलिसिस यूनिट को बिजली का झटका, मरीज परेशान
Fri, 23 May 2025 02:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 23 May 2025 02:02 AM IST
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रामपुर। जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने आने वाले मरीजों की बिजली कटौती भी परेशानी बढ़ा रही है। बार-बार बिजली जाने से मशीनों के भी खराब होने का डर रहता है। इसके अलावा ट्रिपिंग का खेल भी दिनभर चलता है। बिजली जाने पर मशीनें बंद होने पर बीच में ही डायलिसिस का चक्र टूट जाता है। कर्मचारियों को बार-बार जनरेटर के कनेक्शन के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में तीमारदारों व मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रामपुर में मौजूदा समय में शहर को 19 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्र को 13 घंटे बिजली मिल पा रही है। वहीं जिला अस्पताल में बिजली सप्लाई में दिक्कत न हो इसके लिए अलग से लाइन है। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल में बिजली आती-जाती रहती है। इसके अलावा ट्रिपिंग की भी समस्या बनी रहती है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खासतौर पर डायलिसिस कराने वालों मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। बृहस्पतिवार सुबह 11 से 12 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। मरीजों के पास लगी मशीनें बंद होने लगीं। इस पर जनरेटर चलाया गया। कुछ देर जनरेटर चलने के बाद फिर बिजली आई गई। इसके बाद दोपहर एक से तीन बजे के बीच फिर बिजली गुल रही। वहीं, तीन बजे बिजली तो आ गई, लेकिन फिर ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा।
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रोजाना होती है करीब 35 मरीजों की डायलिसिस
डायलिसिस यूनिट स्टाफ ने बताया कि अस्पताल को अलग से बिजली लाइन दी गई है। ताकि बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या न हो, लेकिन ऐसा नहीं है। रोजाना कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। अस्पताल में रोजाना करीब 35 मरीज डायलिसिस कराने आते है। सुबह छह बजे स्टाफ मरीजों का डायलिसिस करना शुरू कर देते है, जो देर रात 10 बजे तक जारी रहता है। इस दौरान अस्पताल में डायलिसिस कराने आने वाले लगभग सभी लोगों की डायलिसिस की जाती है। प्रत्येक मरीज की डायलिसिस में 4 घंटे का समय लगता है। हालांकि, बार-बार ट्रिपिंग से स्टाफ व मरीज परेशान हो रहे हैं।
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बैकअप के भरोसे चल रही मशीन
अस्पताल में 20 हीमो डायलिसिस मशीन लगी हुई हैं। इनमें बिजली जाने के बाद 10 मिनट का बैकअप रहता है। इसके बाद यह मशीनें बंद हो जाती हैं। बृहस्पतिवार को 10 मिनट के बैकअप के बाद मशीनें बीप की आवाज के साथ बंद हो रही थीं।
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गर्मी में बिजली सप्लाई न होने की वजह से रुकावट आ रही है। सप्लाई जाने के बाद दोबारा से जनरेटर का कनेक्शन करना पड़ता है। ऐसे में कुछ मिनट की देरी हो जाती है। -देवाशीष मंडल, डायलिसिस यूनिट, लखनऊ
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रामपुर में मौजूदा समय में शहर को 19 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्र को 13 घंटे बिजली मिल पा रही है। वहीं जिला अस्पताल में बिजली सप्लाई में दिक्कत न हो इसके लिए अलग से लाइन है। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल में बिजली आती-जाती रहती है। इसके अलावा ट्रिपिंग की भी समस्या बनी रहती है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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खासतौर पर डायलिसिस कराने वालों मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। बृहस्पतिवार सुबह 11 से 12 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। मरीजों के पास लगी मशीनें बंद होने लगीं। इस पर जनरेटर चलाया गया। कुछ देर जनरेटर चलने के बाद फिर बिजली आई गई। इसके बाद दोपहर एक से तीन बजे के बीच फिर बिजली गुल रही। वहीं, तीन बजे बिजली तो आ गई, लेकिन फिर ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा।
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रोजाना होती है करीब 35 मरीजों की डायलिसिस
डायलिसिस यूनिट स्टाफ ने बताया कि अस्पताल को अलग से बिजली लाइन दी गई है। ताकि बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या न हो, लेकिन ऐसा नहीं है। रोजाना कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। अस्पताल में रोजाना करीब 35 मरीज डायलिसिस कराने आते है। सुबह छह बजे स्टाफ मरीजों का डायलिसिस करना शुरू कर देते है, जो देर रात 10 बजे तक जारी रहता है। इस दौरान अस्पताल में डायलिसिस कराने आने वाले लगभग सभी लोगों की डायलिसिस की जाती है। प्रत्येक मरीज की डायलिसिस में 4 घंटे का समय लगता है। हालांकि, बार-बार ट्रिपिंग से स्टाफ व मरीज परेशान हो रहे हैं।
बैकअप के भरोसे चल रही मशीन
अस्पताल में 20 हीमो डायलिसिस मशीन लगी हुई हैं। इनमें बिजली जाने के बाद 10 मिनट का बैकअप रहता है। इसके बाद यह मशीनें बंद हो जाती हैं। बृहस्पतिवार को 10 मिनट के बैकअप के बाद मशीनें बीप की आवाज के साथ बंद हो रही थीं।
गर्मी में बिजली सप्लाई न होने की वजह से रुकावट आ रही है। सप्लाई जाने के बाद दोबारा से जनरेटर का कनेक्शन करना पड़ता है। ऐसे में कुछ मिनट की देरी हो जाती है। -देवाशीष मंडल, डायलिसिस यूनिट, लखनऊ