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Rampur News: कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम से गायब हो गईं कीमती जमीनों की खतौनियां
Thu, 29 Aug 2024 05:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 29 Aug 2024 05:46 AM IST
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रामपुर। कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की छह जमीनों की खतौनियों को गायब कर दिया गया। मामले की शिकायत के बाद हुई जांच में रिकार्ड रूम में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये की जमीन का लाभ एक परिवार को पहुंचाने का खुलासा हुआ है, जिस पर इस मामले में रिटायर्ड एआरके (सहायक अभिलेखापाल) एवं एक अन्य एआरके के समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
कलक्ट्रेट में रिकार्ड रूम है, जिसमें जमीनों की खतौनियों का रिकार्ड रहता है। यहां पर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीनों की खतौनियों को गायब कर दिया गया है। दरअसल इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब शहर के व्यवसायी मुकुल अग्रवाल ने कुछ समय पहले डीएम से शिकायत की थी कि पहाड़ी गेट पर छह गाटाओं की खतौनियां रिकार्ड रूम से गायब हैं। यह नान जेड-ए जमीन थी। इन जमीनों की खतौनियों को कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गायब करने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत के बाद डीएम ने इस प्रकरण की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित की, जिसके बाद जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि वर्ष 2013 से लेकर 2023 तक रिकार्ड रूम में से छह जमीनों की खतौनियां गायब हैं। कुछ जमीनों की खतौनियों के पृष्ठों को गायब कर दिया गया है। जांच कमेटी ने इस मामले में तत्कालीन एआरके भगवंत सिंह और मोहम्मद फरीद को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इस मामले में मौजूदा आरआरके (अभिलेखपाल) लता लखेड़ा ने सिविल लाइंस थाने में तत्कालीन एआरके पटवारी फंड भगवंत सिंह, मोहम्मद फरीद के साथ ही पहाड़ी गेट स्थित मसजिद झब्बू खां निवासी आमिर खां की पत्नी बेबी, बेटे उमर खां, सुबहान खां व सलमान खां के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया है। एआरके भगवंत सिंह रिटायर्ड हो चुके है,जबकि मोहम्मद फरीद अभी सेवारत हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइंस इंसपेक्टर अजय कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
रिकार्ड रूम से पहले भी गायब होती रहीं खतौनियां
अफसरों की नाक के नीचे बने रिकार्ड रूम में पहले भी सेंध लगती रही है। एक दशक पहले यहां पर रिकार्ड में हेराफेरी का भी मामला सामने आ चुका है। इसमें एक औद्योगिक इकाई की जमीन की खतौनी उसी के ही एक अफसर के नाम पर कर दी गई थी। मामले का खुलासा होने के बाद खलबली मच गई थी। बाद में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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भगवंत सिंह पहले भी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं
तत्कालीन एआरके भगवत सिंह भले ही रिटायर्ड हो चुके हैं,लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान भी अभिलेखागार में सेंध लग चुकी है। अफसरों द्वारा जो जांच रिपोर्ट पेश की गई है कि उसमें यह भी कहा गया है कि भगवंत सिंह के खिलाफ पहले भी दो दफा मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है। अब यह तीसरा मौका है जब भगवंत सिंह इस तरह के केस में फंसे हैं।
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कलक्ट्रेट में रिकार्ड रूम है, जिसमें जमीनों की खतौनियों का रिकार्ड रहता है। यहां पर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीनों की खतौनियों को गायब कर दिया गया है। दरअसल इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब शहर के व्यवसायी मुकुल अग्रवाल ने कुछ समय पहले डीएम से शिकायत की थी कि पहाड़ी गेट पर छह गाटाओं की खतौनियां रिकार्ड रूम से गायब हैं। यह नान जेड-ए जमीन थी। इन जमीनों की खतौनियों को कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गायब करने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत के बाद डीएम ने इस प्रकरण की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में कमेटी गठित की, जिसके बाद जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि वर्ष 2013 से लेकर 2023 तक रिकार्ड रूम में से छह जमीनों की खतौनियां गायब हैं। कुछ जमीनों की खतौनियों के पृष्ठों को गायब कर दिया गया है। जांच कमेटी ने इस मामले में तत्कालीन एआरके भगवंत सिंह और मोहम्मद फरीद को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इस मामले में मौजूदा आरआरके (अभिलेखपाल) लता लखेड़ा ने सिविल लाइंस थाने में तत्कालीन एआरके पटवारी फंड भगवंत सिंह, मोहम्मद फरीद के साथ ही पहाड़ी गेट स्थित मसजिद झब्बू खां निवासी आमिर खां की पत्नी बेबी, बेटे उमर खां, सुबहान खां व सलमान खां के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया है। एआरके भगवंत सिंह रिटायर्ड हो चुके है,जबकि मोहम्मद फरीद अभी सेवारत हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइंस इंसपेक्टर अजय कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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रिकार्ड रूम से पहले भी गायब होती रहीं खतौनियां
अफसरों की नाक के नीचे बने रिकार्ड रूम में पहले भी सेंध लगती रही है। एक दशक पहले यहां पर रिकार्ड में हेराफेरी का भी मामला सामने आ चुका है। इसमें एक औद्योगिक इकाई की जमीन की खतौनी उसी के ही एक अफसर के नाम पर कर दी गई थी। मामले का खुलासा होने के बाद खलबली मच गई थी। बाद में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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भगवंत सिंह पहले भी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं
तत्कालीन एआरके भगवत सिंह भले ही रिटायर्ड हो चुके हैं,लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान भी अभिलेखागार में सेंध लग चुकी है। अफसरों द्वारा जो जांच रिपोर्ट पेश की गई है कि उसमें यह भी कहा गया है कि भगवंत सिंह के खिलाफ पहले भी दो दफा मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा चुकी है। अब यह तीसरा मौका है जब भगवंत सिंह इस तरह के केस में फंसे हैं।