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बरेली-मुरादाबाद हाईवे पर मौतों का ग्राफ घटाएंगे
अखिलेश शर्मा / रामपुर
Updated Sun, 21 May 2017 12:46 AM IST
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रामपुर में नेशनल हाईवे पर हादसे के पीड़ितों की मदद करने के लिए तैयार स्वयंसेवक। अमर उजाला
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बरेली-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर हादसे में बढ़ती मौतों को रोकने के लिए एनएचएआई ने नई पहल शुरू की है। दुर्घटना संभावित प्वाइंटों के आसपास के गांवों के युवा स्वयं सेवकों को विशेष तौर पर प्रशिक्षण देकर इन्हें आधुनिक मेडिकल किटें उपलब्ध कराई गई हैं, यह हादसे में घायल राहगीरों को तत्काल मदद करेंगे और जिंदगी बचाने को जुट जाएंगे। 15 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में 35 युवा स्वयं सेवकों के दस्ते 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।
मुरादाबाद-बरेली नेशनल हाईवे 120 किलोमीटर के एरिया में है। इसमें 15 स्थानों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं। दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ने पर यहां कई प्रयोग किए जा रहे हैं। पहली बार दुर्घटना संभावित इलाके के आसपास के गांवों के 35 युवा स्वयं सेवकों का चयन करके इन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही आधुनिक मेडिकल किट भी उपलब्ध कराई गई हैं। इस किट में स्ट्रेैचर के साथ ही फर्स्ट एड बाक्स भी है, जिसमें आधुनिक उपकरण भी हैं।
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स्वंय सेवकों का नाम प्रथम सहायक कर्ता रखा गया है। इन्हें प्रतिष्ठित संस्थान वीवो हेल्थ केयर व नालंदा फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षण दिया गया। यह दुर्घटना प्रभाविक राहगीर को जब तक एंबुलेंस नहीं पहुंच जाए प्राथमिक चिकित्सा कर सकेंगे। इन्हें आपातकालीन फोन नंबर की बुकलेट उपलब्ध कराई गई है। यह प्राथमिक उपचार के साथ 15 मिनट में घायल को निकट के अस्पताल तक भी पहुंचा सकेंगे। घायल राहगीरों की जान बचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
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बरेली-मुरादाबाद हाईवे के 120 किलोमीटर के दायरे में प्रति माह 6-7 मौत हो जाती है। हाईवे किनारे पड़ने वाले गांवों के स्कूलों में बच्चे भी अब सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक होंगे। बहुत जल्द एनएचएआई इन स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाएगा। हाईवे पर कैसे चलें, क्या सावधानी बरतें, यह सब बातें बच्चों को सिखाई जाएंगी।