{"_id":"57a38fa14f1c1ba8672b8d7b","slug":"deases-in-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"2965 बच्चे 4डी के शिकंजे में, 1748 इलाज को रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2965 बच्चे 4डी के शिकंजे में, 1748 इलाज को रेफर
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
परिषदीय स्कूल में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती टीम।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य परीक्षण में बच्चों में कई तरह की बीमारियां सामने आई हैं। अप्रैल से जुलाई तक सिर्फ चार माह के परीक्षण में 2965 बच्चों में 4डी (बच्चों को चपेट में लेने वाली चार तरह की बीमारियां) पाई गई हैं।
यही नहीं इनमें 1748 बच्चे ऐसी स्थिति में पाए गए हैं जिन्हें उच्चस्तरीय इलाज के लिए रेफर किया गया है। जिले में बच्चों के भीतर फैलने वाले ऐसे रोगों को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं और बच्चों के परिजनों को पालन-पोषण के लिए विशेष सलाह दे रहे हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में पंजीकृत 3 साल से 19 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में यह बात सामने आई है कि 4डी तेजी से अपना शिकंजा बच्चों पर कस रही हैं।
विज्ञापन
मौजूदा सत्र में ही अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों के 2965 बीमार बच्चों को चिन्हित किया जा चुका है। जिनमें से 1748 बच्चों को सीएचसी, जिला अस्पताल, एनआरसी समेत अन्य उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया है। अप्रैल से जुलाई तक के चार महीनों के यह आंकड़े साफ जाहिर करते हैं कि बीमारी के शिकंजे में बचपन तेजी से फंस रहा है।
यही नहीं इनमें 1748 बच्चे ऐसी स्थिति में पाए गए हैं जिन्हें उच्चस्तरीय इलाज के लिए रेफर किया गया है। जिले में बच्चों के भीतर फैलने वाले ऐसे रोगों को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं और बच्चों के परिजनों को पालन-पोषण के लिए विशेष सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में पंजीकृत 3 साल से 19 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में यह बात सामने आई है कि 4डी तेजी से अपना शिकंजा बच्चों पर कस रही हैं।
विज्ञापन
मौजूदा सत्र में ही अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों के 2965 बीमार बच्चों को चिन्हित किया जा चुका है। जिनमें से 1748 बच्चों को सीएचसी, जिला अस्पताल, एनआरसी समेत अन्य उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया है। अप्रैल से जुलाई तक के चार महीनों के यह आंकड़े साफ जाहिर करते हैं कि बीमारी के शिकंजे में बचपन तेजी से फंस रहा है।