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एनजीटी ने हाईवे निर्माण के लिए हो रहे पेड़ों का कटान को रोका
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 19 Jan 2017 01:24 AM IST
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रामपुर से नैनीताल को जाने वाले एनएच -87 पर एनजीटी के रोक के आदेश के बाद धड़ाधड़ कुल्हाड़ी चलाकर पेड़ काटते कर्मचारी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नैनीताल हाईवे के निर्माण में काटे जा रहे पेड़ों पर रोक लगा दी है। इसके बाद नेशनल हाईवे के निर्माण में रोड़ा अटक गया है। उत्तराखंड के एक एनजीओ की याचिका पर यह कार्रवाई की गई है। इससे नैनीताल मार्ग के निर्माण में रोड़ा अटक सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनजीटी की रोक के बाद भी धड़ाधड़ पेड़ कटवा रहा है। इसकी शिकायत एनजीटी में याचिका दाखिल करने वाले एनजीओ ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रामपुर से नैनीताल के लिए 11 सौ करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होना है। इसके लिए एनएचएआई ने पिछले महीने ही औपचारिक तरीके से काम शुरू कर दिया है। सड़क को चौड़ा करने के लिए पेड़ों का कटान किया जा रहा है। 89 किलोमीटरके रामपुर-काठगोदामफोरलेन का निर्माण कराने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। इसी बीच दिल्ली के एनजीओ फ्रैंडस ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक याचिका दायर करके पेड़ों के कटान के संबंध में शिकायत कर दी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने काठगोदाम हाईवे के लिए बनाई जाने वाली रोड को पेड़ काटने से पहले पर्यावरण मंत्रालय की एंवायरमेंटल क्लीयरेंस मांग ली है, जब तक यह क्लीयरेंस नहीं दिखाई जाएगी, तब तक के लिए पेड़ कटान पर रोक लगा दी है।
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एनजीटी ने एनएचएआई से यह भी जानकारी मांगी है कि इतनी बड़ी तादात में पेड़ों का कटान करने के बाद इस हरियाली की भरपाई कैसे करेंगे। एनजीटी की रोक लगाए जाने के बाद भी हाईवे किनारे तेजी के साथ कटान किया जा रहा है। बुधवार को भी पूरे दिन कुल्हाड़ी चलती रही। एनजीटी की रोक के बाद भी एनएचएआई ने अभी तक अपना पक्ष नहीं रखा है। न ही एंवायरमेंटल क्लीयरेंस सौंपी है।
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