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Rampur News: सीआरपीएफ कांडः 287 तारीखों पर खर्च हो गए 28.70 करोड़ रुपये
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रामपुर। सीआरपीएफ कांड के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए रामपुर में 287 तारीखों पर सुनवाई हुई। आरोपियों की हर पेशी पर सरकार की ओर से दस लाख रुपये खर्च किए गए। इस तरह पूरे केस की सुनवाई पर 28.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसका खुलासा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के आधार पर वर्ष 2019 में हुआ था।
31 दिसंबर 2007 की रात को सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। इस हमले के आरोपी लखनऊ और बरेली कोर्ट की सेंट्रल जेल में बंद थे। आरोपियों को हर माह कम से कम दो बार पेशी के लिए रामपुर कोर्ट लाया जाता था, जहां उनकी पेशी होती थी।
इस सुनवाई के दौरान रामपुर के आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां की ओर से सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना मांगी गई थी कि आरोपियों की एक पेशी पर कुल कितना खर्चा आया है। पूरे केस पर कुल कितना खर्चा हुआ है। आरटीआई से मिले जवाब में यह बात कही गई थी कि आरोपियों को लखनऊ व बरेली से कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर लाया जाता है और आरोपियों को वापस जेल भेजा जाता है।
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एक पेशी करीब दस लाख रुपये का खर्चा आता है। इस तरह पूरे केस की सुनवाई के दौरान 287 बार पेशी हुई, जिसमें आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस तरह करीब 28.70 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। यह खर्चा आरोपियों को लाने व ले जाने का ही है। इसके अलावा बरेली व लखनऊ की जेल में रहने व खाने पीने का खर्चा अलग से था।
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31 दिसंबर 2007 की रात को सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। इस हमले के आरोपी लखनऊ और बरेली कोर्ट की सेंट्रल जेल में बंद थे। आरोपियों को हर माह कम से कम दो बार पेशी के लिए रामपुर कोर्ट लाया जाता था, जहां उनकी पेशी होती थी।
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इस सुनवाई के दौरान रामपुर के आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां की ओर से सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना मांगी गई थी कि आरोपियों की एक पेशी पर कुल कितना खर्चा आया है। पूरे केस पर कुल कितना खर्चा हुआ है। आरटीआई से मिले जवाब में यह बात कही गई थी कि आरोपियों को लखनऊ व बरेली से कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर लाया जाता है और आरोपियों को वापस जेल भेजा जाता है।
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एक पेशी करीब दस लाख रुपये का खर्चा आता है। इस तरह पूरे केस की सुनवाई के दौरान 287 बार पेशी हुई, जिसमें आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस तरह करीब 28.70 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। यह खर्चा आरोपियों को लाने व ले जाने का ही है। इसके अलावा बरेली व लखनऊ की जेल में रहने व खाने पीने का खर्चा अलग से था।