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बेहद खतरनाक थे आतंकियों से बरामद हथियार
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:25 PM IST
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सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद आतंकियों से बरामद किए गए हथियार बेहद खतरनाक थे। लैब में हुई जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। कोर्ट में ये बयान हथियारों की जांच करने वाले ब्लास्टिक एक्सपर्ट ने दिए। बचाव पक्ष ने एक्सपर्ट से जिरह के लिए वक्त मांगा, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
अब इस मामले की सुनवाई 12 जनवरी को होगी। 31 दिसंबर 2007 की रात सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में वर्ष 2016 की पहली सुनवाई मंगलवार को हुई। इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।
पुलिस और एटीएस की टीम ने मामले में पाकिस्तानी मूल के दो आतंकियों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सभी आरोपी जेल में हैं। मंगलवार को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई थी। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हमले के सभी आरोपियों इमरान शहजाद, मोहम्मद फारुख, सबाउद्दीन उर्फ सवा, शरीफ, जंगबहादुर, गुलाब खां, कौसर खां और फईम अरशद अंसारी को एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार की कोर्ट में पेश किया।
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कोर्ट में आतंकियों से बरामद किए गए हथियारों की जांच करने वाले ब्लास्टिक एक्सपर्ट ने गवाही दी। ब्लास्टिक एक्सपर्ट संजय खरे ने अपने बयान में कहा कि आतंकियों से जो हथियार बरामद किए गए थे उनकी जांच लैब में हुई थी। जांच के दौरान पाया गया थी कि सभी हथियार काफी खतरनाक थे।
अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने लैब की रिपोर्ट भी पेश की। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से जिरह करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।
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अब इस मामले की सुनवाई 12 जनवरी को होगी। 31 दिसंबर 2007 की रात सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में वर्ष 2016 की पहली सुनवाई मंगलवार को हुई। इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।
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पुलिस और एटीएस की टीम ने मामले में पाकिस्तानी मूल के दो आतंकियों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सभी आरोपी जेल में हैं। मंगलवार को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई थी। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हमले के सभी आरोपियों इमरान शहजाद, मोहम्मद फारुख, सबाउद्दीन उर्फ सवा, शरीफ, जंगबहादुर, गुलाब खां, कौसर खां और फईम अरशद अंसारी को एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार की कोर्ट में पेश किया।
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कोर्ट में आतंकियों से बरामद किए गए हथियारों की जांच करने वाले ब्लास्टिक एक्सपर्ट ने गवाही दी। ब्लास्टिक एक्सपर्ट संजय खरे ने अपने बयान में कहा कि आतंकियों से जो हथियार बरामद किए गए थे उनकी जांच लैब में हुई थी। जांच के दौरान पाया गया थी कि सभी हथियार काफी खतरनाक थे।
अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने लैब की रिपोर्ट भी पेश की। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से जिरह करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।