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जानलेवा हमले में दो को सात साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:40 PM IST
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मंसूरपुर गांव में 11 साल पहले दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के मामले का फैसला आ गया है। अदालत ने हत्या के आरोप में सभी को बरी कर दिया। दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए जानलेवा हमले में दो आरोपियों को सात साल की कैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मंसूरपुर गांव में दस फरवरी 2005 में शौकत और रहीम के बीच भूमि विवाद को लेकर संघर्ष हो गया था। शौकत के भाई शौकीन के गोली मार दी गई थी, जबकि शरीफ भी घायल हो गया था। इलाज के दौरान शौकीन की मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई शौकत ने रहीम समेत आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
दूसरे पक्ष की ओर से भी फायरिंग में दो लोग अली हुसैन और किफायत घायल हो गए थे। इसकी रिपोर्ट तन्ने मुल्ला की ओर से अमीर समेत आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। कोर्ट ने मंगलवार को इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम रामकेश सिंह ने साक्ष्य के अभाव में रहीम, शाकिर, इस्लाम, लाला, करीम, कलुवा, अब्दुल हसन, किफायत को बरी कर दिया। इसी अदालत ने जानलेवा हमले के दूसरे मामले में शरीफ और असलम को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
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मंसूरपुर गांव में दस फरवरी 2005 में शौकत और रहीम के बीच भूमि विवाद को लेकर संघर्ष हो गया था। शौकत के भाई शौकीन के गोली मार दी गई थी, जबकि शरीफ भी घायल हो गया था। इलाज के दौरान शौकीन की मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई शौकत ने रहीम समेत आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
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दूसरे पक्ष की ओर से भी फायरिंग में दो लोग अली हुसैन और किफायत घायल हो गए थे। इसकी रिपोर्ट तन्ने मुल्ला की ओर से अमीर समेत आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। कोर्ट ने मंगलवार को इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम रामकेश सिंह ने साक्ष्य के अभाव में रहीम, शाकिर, इस्लाम, लाला, करीम, कलुवा, अब्दुल हसन, किफायत को बरी कर दिया। इसी अदालत ने जानलेवा हमले के दूसरे मामले में शरीफ और असलम को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।