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जिला अस्पताल में मासूम की मौत पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 28 Sep 2015 11:27 PM IST
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जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि स्टाफ की ओर से इंजेक्शन अधिक मात्रा में लगाने के कारण मासूम की मौत हुई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।
परिजनों ने नर्स के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने नर्स रमा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मोहल्ला झंडा निवासी टिंकू ने अपने एक माह के बेटे को सोमवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना था कि मासूम को उल्टी हो रही थी।
हालत नाजुक होने के कारण उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया। दोपहर में ढाई बजे करीब मासूम को एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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परिजनों का आरोप था कि स्टाफ की ओर से इंजेक्शन की निर्धारित मात्रा से अधिक लगा दी गई। इस कारण उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, मासूम की मौत के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
सीएमएस डा. आरके ढल ने बताया कि बच्चे को गंभीर हालत में भर्ती किया गया था। डायरिया-उल्टी की चपेट में होने के साथ ही बच्चे को पेशाब भी नहीं आ रहा था। बच्चे का उपचार डा. टीपी सिंह की ओर से किया जा रहा था। सीएमएस ने उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इंकार किया है।
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परिजनों ने नर्स के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने नर्स रमा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मोहल्ला झंडा निवासी टिंकू ने अपने एक माह के बेटे को सोमवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना था कि मासूम को उल्टी हो रही थी।
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हालत नाजुक होने के कारण उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया। दोपहर में ढाई बजे करीब मासूम को एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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परिजनों का आरोप था कि स्टाफ की ओर से इंजेक्शन की निर्धारित मात्रा से अधिक लगा दी गई। इस कारण उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, मासूम की मौत के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
सीएमएस डा. आरके ढल ने बताया कि बच्चे को गंभीर हालत में भर्ती किया गया था। डायरिया-उल्टी की चपेट में होने के साथ ही बच्चे को पेशाब भी नहीं आ रहा था। बच्चे का उपचार डा. टीपी सिंह की ओर से किया जा रहा था। सीएमएस ने उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इंकार किया है।