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जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन के मामले में फैसले की तिथि अब 15 जनवरी
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रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन के मामले में एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में दर्ज वाद की फैसले की तिथि 15 जनवरी निर्धारित की गई है। 15 जनवरी को इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने लिखित बहस दाखिल की। इसके बाद एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट ने इस मामले में फैसले की तिथि 15 जनवरी निर्धारित कर दी।
सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाली मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को सपा की सरकार में 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति कुछ शर्तों के अधीन दी गई थी। यह जमीन जौहर यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी जानी थी। अनुमति के बाद ट्रस्ट की ओर से यूनिवर्सिटी के लिए 160 एकड़ जमीन की खरीद की गई। आरोप है कि जमीन की खरीद करने की अनुमति जिन शर्तों पर दी गई थी, उसका पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत के बाद जांच कराई गई जिसमें आरोप सही पाए जाने पर डीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था। इसकी सुनवाई एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट में चल रही है। सुनवाई के दौरान जौहर ट्रस्ट को पक्ष रखने का मौका दिया गया था। ट्रस्ट के अधिवक्ता ने कोर्ट में यह तर्क दिया था कि ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां जेल में हैं। इस वजह से पक्ष लेने में मुश्किल आ रही है। बुधवार को इस मामले में फैसला आने की उम्मीद थी क्योंकि फाइल फैसले में लगी थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय तिवारी की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में फैसले की तिथि 15 जनवरी निर्धारित कर दी है।
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सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाली मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को सपा की सरकार में 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति कुछ शर्तों के अधीन दी गई थी। यह जमीन जौहर यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी जानी थी। अनुमति के बाद ट्रस्ट की ओर से यूनिवर्सिटी के लिए 160 एकड़ जमीन की खरीद की गई। आरोप है कि जमीन की खरीद करने की अनुमति जिन शर्तों पर दी गई थी, उसका पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत के बाद जांच कराई गई जिसमें आरोप सही पाए जाने पर डीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था। इसकी सुनवाई एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट में चल रही है। सुनवाई के दौरान जौहर ट्रस्ट को पक्ष रखने का मौका दिया गया था। ट्रस्ट के अधिवक्ता ने कोर्ट में यह तर्क दिया था कि ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां जेल में हैं। इस वजह से पक्ष लेने में मुश्किल आ रही है। बुधवार को इस मामले में फैसला आने की उम्मीद थी क्योंकि फाइल फैसले में लगी थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय तिवारी की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में फैसले की तिथि 15 जनवरी निर्धारित कर दी है।
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