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खांसी, जुकाम और बुखार की दवाएं तक नहीं
दीपक सोलंकी/ रामपुर
Updated Thu, 23 Feb 2017 12:49 AM IST
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रामपुर के जिला अस्पताल में बुध्ावार को डाक्टर को िदखाने के लिए लगी मरीजों की कतार। अमर उजाला
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जनाब! आलीशान इमारत वाले जिला अस्पताल का हाल तो देखिए। यहां सुविधाएं सिर्फ दिखावा हैं। डाक्टर ओपीडी से भी नदारद हो जाते हैं, मौसम बदल रहा है, बीमारियां बढ़ रही हैं, मरीज भी रोजाना बढ़ रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में खांसी-जुकाम और बुखार की दवाओं का भी टोटा है। मरीज आते हैं, डाक्टर पर्चे पर दवा लिख देते हैं, लेकिन वो दवा काउंटर पर नहीं मिलती, मरीज बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते हैं।
बुधवार को सुबह से लेकर दोपहर जब तक अस्पताल खुला कुछ ऐसा ही हाल दिखाई दिया। जिला अस्पताल के काउंटर पर मंगलवार को दो हजार से अधिक मरीजों ने पर्चे बनवाए। बुधवार को यह संख्या दो हजार दो सौ के आसपास पहुंच गई। इससे साफ जाहिर है कि बदलते मौसम में मरीज बढ़ रहे हैं। लेकिन हमारा आलीशान इमारत वाला जिला अस्पताल मरीजों को सुविधाएं देने के लिए तैयार नहीं है। सुबह 11 बजे ग्राउंड फ्लोर पर सीएमएस डा. आरके ढल खुद तो नाक, कान गले के विशेषज्ञ होने के कारण मरीज देख रहे थे, लंबी लाइन लगी थी। लेकिन प्रथम तल पर ओपीडी में फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ समेत कई विशेषज्ञ के कक्ष खाली पड़े थे।
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एक कक्ष में डा. भारद्वाज के स्थान पर दो नए डाक्टर मरीजों की समस्याएं सुनकर दवा लिख रहे थे। ओपीडी के कई और कक्षों में डाक्टर नदारत होने से मरीजों की लाइन लगी हुई थी। नीचे औषधि काउंटर पर मरीजों की लाइन थी। उन्हें डाक्टर के लिखे पर्चे पर भी यह कहकर टरकाया जा रहा था कि यह दवा नहीं है, बाहर मेडिकल पर मिलेगी। अक्सर खांसी-जुकाम और बुखार जैसे सामान्य मौसमी रोगों से पीड़ित मरीजों को टरकाया जा रहा था।
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