फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   cittu protest against government in duttnagar kotagaar

रामपुर में केंद्र सरकार के खिलाफ गरजी सीटू

Thu, 25 Mar 2021 10:28 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 10:28 PM IST
विज्ञापन
cittu protest against government in duttnagar kotagaar
मजदूर, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ दत्तनगर में प्रदर्शन करते मजदूर। - फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। सीटू ने वीरवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय कमेटी और केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन ने 4 मजदूर विरोधी काले कोडों, 3 किसान विरोधी काले कानूनों और बिजली विधेयक 2020 के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इन काले कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई।
विज्ञापन

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, 412 मेगावाट परियोजना यूनियन के उपाध्यक्ष राज, उत्तम और कोटगाड़ परियोजना मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार जबसे सत्ता में आई है, तब से लगातार तानाशाहीपूर्ण फैसले लेकर पूंजीपतियों के हित और मजदूर और किसान विरोधी निर्णय ले रही है। 44 श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिताएं, लेबर कोड बनाना और 3 किसान विरोधी काले कानून इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
विज्ञापन

कोरोनाकाल का फायदा उठाते हुए केंद्र और भाजपा समर्थित राज्यों सरकारों ने आम जनता, मजदूरों और किसानों के आपात काल को पूंजीपतियों और कॉरपोरेट्स के लिए अवसर में तबदील कर दिया है। मजदूरों के 44 कानूनों को खत्म करने, सार्वजनिक क्षेत्र को बेचने के साथ ही किसान विरोधी 3 कानूनों को पारित करने से यह साबित हो गया है कि यह सरकार मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देश के सार्वजनिक संसाधनों को सरकार पूंजीपतियों को बेच रही है। इससे लगातार महंगाई बढ़ रही है, जिसे रोकने में सरकार असफल साबित हुई है। पेट्रोल और डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम हुए हैं, लेकिन देश में इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेताया कि अगर केंद्र और प्रदेश सरकार मजदूर विरोधी निर्णय लेने से पीछे नहीं हटती तो आने वाले समय में मजदूर किसान उग्र प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग 26 मार्च को भारत बंद, 28 मार्च को श्रम और किसान विरोधी कानूनों की प्रतियों को जलाकर आंदोलन करेगा। इस मौके पर सतीश, घनश्याम, शेर सिंह, सुरजीत, विद्या, शीला, नरेश, बेगा नंद, प्रकाश और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed