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साठ किलो घन फीट वजन के ट्रैक से बदला जाएगा ट्रैक
अमर उजाला ब्यूरो /रामपुर
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:40 AM IST
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राज्यरानी एक्सप्रेस के हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक को नई रेल लाइनों से बदला जाएगा। पुराने ट्रैक में रेल लाइनें 52 किलो घन फीट वजनी थीं, नया ट्रैक 60 किलो प्रति घनफीट वजनी रेल लाइन का होगा। स्लीपर भी नए वजन के हिसाब से डाले जाएंगे।
रेल लाइनें आ गईं हैं, नए स्लीपर आज रात में आएंगे, इसके बाद ट्रैक को बदलने का काम रविवार से शुरू हो सकता है। वहीं शनिवार को भी रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों द्वारा हादसास्थल पर मरम्मत कार्य कराया गया। टेंपिंग मशीन द्वारा टेंपिंग का कार्य भी किया गया। ट्रेनों को काशन से गुजारा जा रहा है। एक घंटे लाइन प्रभावित भी रही, हालांकि कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई।
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शनिवार 15 अप्रैल को राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हुए रेलवे ट्रैक की मरम्मत का कार्य आठ दिन से लगातार चल रहा है। शनिवार को भी क्षतिग्रस्त ट्रैक पर मरम्मत का कार्य किया गया। इसमें टैंपिंग मशीन द्वारा टैंपिंग की गई। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त ट्रैक को बदलने के लिए नई रेल भी मौके पर पहुंचा दी गई है। मौके पर मौजूद सहायक मंडलीय अभियंता विनय कुमार ने बताया कि नई रेल पुरानी रेल की अपेक्षा अधिक वजन की है।
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पुरानी रेल 52 किलो की थी जबकि नई रेल 60 किलो की है। अब नया ट्रैक 60 किलो वजनी रेल लाइनों का ही होगा। स्लीपर भी भारी लगाए जाएंगे। विनय कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त 280 मीटर की पूरी रेल को बदला जाएगा। नई रेल बिछाने का कार्य संभवत: रविवार से शुरू किया जा सकता है। वहीं अभी डाउन लाइन पर करीब आठ-दस दिन और मरम्मत कार्य चलने की संभावना है। शनिवार को भी मरम्मत कार्य के कारण डाउन लाइन पर ट्रेनों को कॉसन से गुजारा गया।