{"_id":"5721015c4f1c1b4b30a914f5","slug":"canal-was-not-getting-water-from-utarkhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड से नहीं मिल पा रहा नहरों को पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड से नहीं मिल पा रहा नहरों को पानी
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
सूखी कोसी नदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तराखंड ने फिलहाल यूपी की नहरों को पानी देने से इनकार कर दिया है। इसका कारण उत्तराखंड के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है।
उत्तराखंड के बोर जलाशय में 230.5 मीटर, हरीपुरा जलाशय में 223.8 मीटर जलस्तर बचा है। तुमड़िया जलाशय का भी ऐसा ही हाल है। इन जलाशयों के जलस्तर का स्टाक 246 मीटर होने के बाद ही यूपी की नहरों को पानी मिल पाएगा। अकेले रामपुर जिले में 93 नहरें सूखी हैं, जबकि 25 नहरों के जरिये टेल तक पानी अप्रैल में पहुंचना था। वहीं, उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के सचिव ने पानी बंद करने से इंकार कर दिया है।
बात रामपुर की करें तो 347981 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती हो रही है।
362 सरकारी नलकूपों के साथ 93 नहरों से सिंचाई होती है। इन नहरों के लिए उत्तराखंड के बौर जलाशय, हरिपुरा और तुमडिय़ा जलाशय से पानी छोड़ा जाता है। इस समय धान, गन्ना, मैंथा, हरा चारा की फसलों को पानी की जरूरत है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उत्तराखंड शासन से नहरों में पानी छोड़ने की पेशकश की पर उत्तराखंड से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया कि जलाशयों में पानी नहीं है।
जलस्तर का ब्योरा भी साथ ही भेज दिया। पानी न मिलने से उत्पादन प्रभावित होगा इसलिए अधिशासी अभियंता सिंचाई की ओर से उत्तराखंड सरकार को पुन: चिट्ठी भेजी गई है।
उत्तराखंड के बोर जलाशय में 230.5 मीटर, हरीपुरा जलाशय में 223.8 मीटर जलस्तर बचा है। तुमड़िया जलाशय का भी ऐसा ही हाल है। इन जलाशयों के जलस्तर का स्टाक 246 मीटर होने के बाद ही यूपी की नहरों को पानी मिल पाएगा। अकेले रामपुर जिले में 93 नहरें सूखी हैं, जबकि 25 नहरों के जरिये टेल तक पानी अप्रैल में पहुंचना था। वहीं, उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के सचिव ने पानी बंद करने से इंकार कर दिया है।
बात रामपुर की करें तो 347981 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती हो रही है।
362 सरकारी नलकूपों के साथ 93 नहरों से सिंचाई होती है। इन नहरों के लिए उत्तराखंड के बौर जलाशय, हरिपुरा और तुमडिय़ा जलाशय से पानी छोड़ा जाता है। इस समय धान, गन्ना, मैंथा, हरा चारा की फसलों को पानी की जरूरत है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उत्तराखंड शासन से नहरों में पानी छोड़ने की पेशकश की पर उत्तराखंड से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया कि जलाशयों में पानी नहीं है।
विज्ञापन
जलस्तर का ब्योरा भी साथ ही भेज दिया। पानी न मिलने से उत्पादन प्रभावित होगा इसलिए अधिशासी अभियंता सिंचाई की ओर से उत्तराखंड सरकार को पुन: चिट्ठी भेजी गई है।
विज्ञापन