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Rampur News: 15 दिन अभियान चलाया, एक भी मरीज हाथ न आया
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रामपुर। जिले की 26 लाख की आबादी में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू-मलेरिया तो छोड़िए, बुखार का एक भी रोगी नहीं मिला। यह हम नहीं, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े कह रहे हैं। 17 से 31 जुलाई तक चले दस्तक अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में टीमों को दौड़ाकर खानापूर्ति कर ली। नतीजा यह रहा कि विभाग को संचारी रोग से एक भी पीड़ित व्यक्ति नहीं मिला।एक जुलाई से जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत हुई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग सहित कई विभागों को जिम्मेदारी देकर गांव-गांव लोगों में संचारी रोग के प्रति जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 17 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया गया। जिसमें स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए मलेरिया-डेंगू की जांच करनी थी।
इस अभियान में करीब 600 टीमें लगाई गई थीं। 31 जुलाई को यह अभियान पूरा हो चुका है। चौंकाने वाली बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग को इन 15 दिनों में जिले भर में एक भी डेंगू या मलेरिया का मरीज नहीं मिला। न ही कोई बुखार या कुष्ठ रोग का कोई व्यक्ति चिह्नित हुआ। अभियान पूरा होने के बाद अधिकारी संतोष जता रहे हैं। सवाल यह है कि जब जिले की इतनी बड़ी आबादी में बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों में कोई पीड़ित नहीं है तो जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर हर रोज उमड़ रही मरीजों की भीड़ कहां से आ रही है।
2022 में मिले थे डेंगू के रिकॉर्ड 434 मरीज
वर्ष 2022 में जिले में डेंगू के रिकॉर्ड 434 मरीज मिले थे। 31 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। इस वर्ष 2023 से अब तक डेंगू का एक और मलेरिया के चार मामले आ चुके हैं।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत चलाए गए दस्तक अभियान में कोई भी डेंगू या मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला है। बुखार का भी कोई रोगी चिह्नित नहीं हुआ।
-- -डॉ. केके चहल, जिला मलेरिया अधिकारी, रामपुर।
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इस अभियान में करीब 600 टीमें लगाई गई थीं। 31 जुलाई को यह अभियान पूरा हो चुका है। चौंकाने वाली बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग को इन 15 दिनों में जिले भर में एक भी डेंगू या मलेरिया का मरीज नहीं मिला। न ही कोई बुखार या कुष्ठ रोग का कोई व्यक्ति चिह्नित हुआ। अभियान पूरा होने के बाद अधिकारी संतोष जता रहे हैं। सवाल यह है कि जब जिले की इतनी बड़ी आबादी में बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों में कोई पीड़ित नहीं है तो जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर हर रोज उमड़ रही मरीजों की भीड़ कहां से आ रही है।
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2022 में मिले थे डेंगू के रिकॉर्ड 434 मरीज
वर्ष 2022 में जिले में डेंगू के रिकॉर्ड 434 मरीज मिले थे। 31 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। इस वर्ष 2023 से अब तक डेंगू का एक और मलेरिया के चार मामले आ चुके हैं।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत चलाए गए दस्तक अभियान में कोई भी डेंगू या मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला है। बुखार का भी कोई रोगी चिह्नित नहीं हुआ।