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Rampur News: किसानों पर बरसी आफत... पानी में डूबीं उम्मीदें

Sun, 27 Sep 2026 02:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Sun, 27 Sep 2026 02:34 AM IST
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Calamity strikes farmers... hopes submerged in water.
शाहबाद में बारिश के कारण जलमग्न धान की फसल। संवाद
रामपुर। जनपद में शुक्रवार की रात से शनिवार की शाम तक हुई लगातार बारिश किसानों पर आफत बनकर बरसी। हवा के साथ तेज बारिश से गिरी हजारों एकड़ धान की फसल बारिश का पानी भरने से तबाह हो गई। ऐसे में किसानों की उम्मीदें पानी में डूब गईं। शाहबाद, स्वार, बिलासपुर, सदर, मिलक और टांडा क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है।
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जिले में इस बार 1.26 लाख हेक्टेयर में धान की फसल है। किसानों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण खेतों से पानी निकल नहीं पा रहा है। कई स्थानों पर धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। इससे फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने सरकार से जनपद में फसलों के नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव-गांव जाकर खेतों में हुए नुकसान का आकलन कराया जाए और प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। किसानों ने फसल बीमा कराने वाले किसानों के खेतों का बीमा कंपनियों से भी तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही बीमित किसानों को नियमानुसार बीमा राशि दिलाने और कृषि ऋण में राहत देने की मांग उठाई है। वहीं किसान संगठनों ने किसानों के सभी कर्ज को पूरी तरह से माफ करने की भी मांग की है।
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24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से धान की पकी फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई खेतों में धान गिर गया है। प्रशासन को तत्काल गांव-गांव सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराना चाहिए। प्रभावित किसानों को बिना देरी उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें अगली फसल की तैयारी में परेशानी न हो।
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- हसीब अहमद, प्रदेश महासचिव, भाकियू टिकैत



बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है, उन्हें बीमा कंपनी से सर्वे कराकर नियमानुसार भुगतान दिलाया जाए। किसानों को मुआवजे के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सरकार को गांव स्तर पर नुकसान का आकलन कराना चाहिए। साथ किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ किए जाएं।
हनीफ वारसी, प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू अंबावता



पकी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों की पूरी साल की मेहनत प्रभावित हो गई है। बारिश से खराब हुई फसल का सर्वे जल्द कराया जाए। जिन किसानों की उपज बच गई है, उसे सरकारी खरीद केंद्रों पर उचित मूल्य पर खरीदा जाए। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।
- राजपाल चौधरी, जिलाध्यक्ष,भाकियू टिकैत


एक फसल खराब होने का असर किसान के परिवार की पूरी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। बारिश से नुकसान झेल रहे किसानों को बैंक कर्ज की किस्त जमा करने में राहत दी जाए। वसूली पर रोक लगाने के साथ किसानों को ब्याज में छूट मिले। सरकार तत्काल राहत पैकेज घोषित कर किसानों को आर्थिक संकट से बचाए।

- फरीद खान, जिला संगठन मंत्री, भाकियू अराजनैतिक


जिले में बारिश से धान समेत अन्य फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से हुए नुकसान का मौके पर आकलन कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। किसानों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
- कुलदीप सिंह राणा, जिला कृषि अधिकारी रामपुर
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