फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   bycott of kisan diwas by farmers

समस्याओं का निस्तारण न होने पर भड़के किसान, किसान दिवस का किया बहिष्कार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
bycott of kisan diwas by farmers
रामपुर। किसान दिवस पर बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। एक-एक करके कई ऐसे सवाल अधिकारियों से पूछ बैठे, जिसका उनके पास कोई जवाब नहीं था। माहौल गरमाता देख अधिकारियों ने चुप्पी साधने में ही भलाई समझी। पूर्व में आयोजित किसान दिवस के दौरान उठाई गई समस्याओं का निस्तारण न होने पर किसानों ने किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। किसानों ने नहरों में पानी, खाद और गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया। जिसका अफसर जवाब नहीं दे सके जिससे किसान बाहर निकल गए। किसानों ने एलान किया कि हर माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का पुतला फूंका जाएगा।
विज्ञापन

बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें कई किसान और विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंचे। मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल ने बैठक की कार्रवाई शुरू ही की थी कि इतने में भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद कार्यकर्ताओं के संग किसान दिवस में पहुंच गए। जिलाध्यक्ष ने सीडीओ से कहा कि साहब पिछली बैठक में किसानों ने अपनी तमाम समस्याएं रखी थीं, उनके निस्तारण का क्या हुआ। आपने कितनी नहरों की जांच की। बताइए किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए किन नहरों में पानी मिल रहा है। यहां तक कि किसानों को खाद तक नहीं मिल रहा है। खाद के नाम पर नैनो यूरिया की बोतल थमा दी जाती है, जिसका कोई फायदा नहीं है। किसानों को 15 तारीख तक गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की बात कही गई थी, लेकिन क्या हुआ। 17 तारीख हो गई किसानों को अब तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो सका है। सवालों के जवाब नहीं मिल तो किसान भड़क गए और किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने डीएम के दफ्तर के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। एलान करते हुए कहा कि अब हर माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस के विरोध में किसान दिवस का पुतला फूंका जाएगा, क्योंकि ऐसे किसान दिवस का क्या मतलब, जिसे अधिकारी गंभीरता से भी नहीं लेते हैं। किसान सुरेंद्र सिंह ने शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति न कराने का मुद्दा उठाया, जबकि जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि राणा शुगर मिल शाहबाद द्वारा लगभग 84 प्रतिशत गन्ने का भुगतान कर दिया गया है। शेष भुगतान 30 सितंबर तक करने का आश्वासन दिया गया है। किसानों ने गेहूं के बीज का अनुदान अब तक न मिलने का मुद्दा उठाया। सीडीओ ने गला घोटू टीकाकरण की सूची उपलब्ध कराने के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed