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UP: इस सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर सपा का खेल बिगाड़ सकती है बसपा, आजम खां के परिवार से ये लड़ेंगी चुनाव!
Fri, 08 Mar 2024 12:40 PM IST
शाहरुख खान
वाहिद अली, अमर उजाला, रामपुर
वाहिद अली, अमर उजाला, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:40 PM IST
सार
बसपा रामपुर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर सपा का खेल बिगाड़ सकती है। सपा इस सीट से मुस्लिम और हिंदू प्रत्याशी के फेर में उलझी नजर आ रही है। सपा एक सिख प्रत्याशी को भी मैदान में उतार सकती है। आजम खां के बड़े बेटे की पत्नी का नाम भी चर्चा में है।
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सपा की टेंशन बढ़ाएगी बसपा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी अब तक भले ही रामपुर लोकसभा सीट से जीत का स्वाद चख न सकी हो, लेकिन इस बार बसपा बड़ा खेल करने की तैयारी कर रही है। बसपा रामपुर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी को उतारने के मूड में है। हालांकि, ये प्रत्याशी कौन होगा इस पर अभी बसपा नेता कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
रामपुर लोकसभा सीट पर 1952 में पहली बार मौलाना अबुल कलाम आजाद सांसद बने थे।वो देश के पहले शिक्षामंत्री भी बने थे। अब तक रामपुर लोकसभा सीट पर 18 चुनाव हुए हैं। जिसमें कांग्रेस ने सर्वाधिक 10 बार जीत दर्ज की है।
इस सीट से सबसे ज्यादा बार जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां के नाम है। मिक्की मियां रामपुर सीट से पांच बार सांसद बने। उनकी पत्नी बेगम नूरबानो भी दो बार सांसद बन चुकी हैं।
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रामपुर लोकसभा सीट से चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। इसके अलावा तीन बार सपा ने जीत का स्वाद चखा है। वहीं एक बार जनता पार्टी के खाते में सीट गई है। रामपुर के लोकसभा चुनाव के इतिहास में बसपा ने अभी तक खाता नहीं खोला है। ऐसे में 2024 लोकसभा चुनाव में समीकरण कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं।
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रामपुर लोकसभा सीट पर 1952 में पहली बार मौलाना अबुल कलाम आजाद सांसद बने थे।वो देश के पहले शिक्षामंत्री भी बने थे। अब तक रामपुर लोकसभा सीट पर 18 चुनाव हुए हैं। जिसमें कांग्रेस ने सर्वाधिक 10 बार जीत दर्ज की है।
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इस सीट से सबसे ज्यादा बार जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां के नाम है। मिक्की मियां रामपुर सीट से पांच बार सांसद बने। उनकी पत्नी बेगम नूरबानो भी दो बार सांसद बन चुकी हैं।
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रामपुर लोकसभा सीट से चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। इसके अलावा तीन बार सपा ने जीत का स्वाद चखा है। वहीं एक बार जनता पार्टी के खाते में सीट गई है। रामपुर के लोकसभा चुनाव के इतिहास में बसपा ने अभी तक खाता नहीं खोला है। ऐसे में 2024 लोकसभा चुनाव में समीकरण कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं।
भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी की घोषणा के बाद लोगों की निगाहें सपा और बसपा पर ही टिकी हैं। सपा रामपुर लोकसभा सीट से मुस्लिम और हिंदू प्रत्याशी के फेर में उलझी नजर आ रही है।
भाजपा के प्रत्याशी व वर्तमान में सांसद घनश्याम लोधी को टक्कर देने के लिए सपा एक सिख प्रत्याशी को मैदान में भी उतार सकती है, जबकि आजम खां के बड़े बेटे की पत्नी सिदरा अदीब को का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में सपा ने हिंदू या सिख प्रत्याशी पर दांव खेला तो बसपा मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर सपा को झटका दे सकती है।
बसपा से पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के प्रत्याशी बनने की चर्चा चल रही है। हालांकि, इसको लेकर नवेद मियां और उनके पीआरओ काशिफ खां ने इन्कार किया है। उनका कहना है अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं, कुछ होगा तो खुलकर बताया जाएगा। बसपा जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि मजबूत प्रत्याशी रामपुर सीट से उतारा जाएगा। जल्द ही घोषणा होगी।
पांच विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सपा के खाते में
रामपुर लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से सपा के पास मात्र चमरौआ सीट है। इस सीट पर सपा के नसीर खां विधायक हैं। जबकि भाजपा के पास तीन और उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के पास एक सीट है।
रामपुर लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से सपा के पास मात्र चमरौआ सीट है। इस सीट पर सपा के नसीर खां विधायक हैं। जबकि भाजपा के पास तीन और उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के पास एक सीट है।
शहर विधानसभा से आकाश सक्सेना, बिलासपुर विधानसभा से बलदेव सिंह औलख, मिलक विधानसभा एससी रिजर्व सीट से राजबाला सिंह भाजपा की विधायक हैं। वहीं स्वार विधानसभा सीट से अपना दल (एस) के शफीक अहमद अंसारी विधायक हैं। इनमें शहर और स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सपा को हार मिली। शहर सीट आजम खां के इस्तीफे से और स्वार सीट अब्दुल्ला की विधायकी जाने के बाद खाली हुई थी।