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सलाम ने ग्रामीणों संग अखिलेश को दिखाए काले झंडे
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सैदनगर (रामपुर)। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने जौहर यूनिवर्सिटी में आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने साथ घरों की छतों पर चढ़ गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को काले झंडे दिखाए। जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आगमन के बाद सांसद आजम खां के विरोधियों ने भी अखिलेश यादव के आगमन का विरोध शुरु कर दिया। हालांकि, विरोध में पहले आजम खां के विरोधी अखिलेश यादव से मिलना चाहते थे, ताकि आजम खां के जुल्मों की दास्तान बता सकें, लेकिन पुलिस ने आजम खां के विरोधियों को अखिलेश यादव से नहीं मिलने दिया। इसी के तहत शनिवार को अब्दुल सलाम जौहर यूनिवर्सिटी की ओर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने उनका काफिला ग्राम खिजरपुर की पुलिया पर ही रोक लिया। उच्चाधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद सीओ स्वार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वह उन्हें लेकर ग्राम आलियागंज आ गए और छोड़ दिया।
यहां से अब्दुल सलाम ग्रामीणों के साथ उनकी छतों पर चढ़ गए। उनके हाथों में काले झंडे और भूमाफिया आजम जैसे नारों से लिखी तख्तियां थीं। अखिलेश यादव की चहलकदमी देख ग्रामीणों के साथ काले झंडे दिखाने शुरु कर दिया। नारेबाजी के साथ ही करीब दो घंटे विरोध प्रदर्शन होता रहा। इस मौके पर अब्दुल सलाम ने कहा कि आजम खां ने जौहर यूनिवर्सिटी में गलत तरीके से ग्रामीणों की जमीन कब्जा लीं। अखिलेश यादव को आजम खां का नहीं, बल्कि गरीब किसानों का समर्थन करना चाहिए। इस मौके पर तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आगमन के बाद सांसद आजम खां के विरोधियों ने भी अखिलेश यादव के आगमन का विरोध शुरु कर दिया। हालांकि, विरोध में पहले आजम खां के विरोधी अखिलेश यादव से मिलना चाहते थे, ताकि आजम खां के जुल्मों की दास्तान बता सकें, लेकिन पुलिस ने आजम खां के विरोधियों को अखिलेश यादव से नहीं मिलने दिया। इसी के तहत शनिवार को अब्दुल सलाम जौहर यूनिवर्सिटी की ओर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने उनका काफिला ग्राम खिजरपुर की पुलिया पर ही रोक लिया। उच्चाधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद सीओ स्वार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वह उन्हें लेकर ग्राम आलियागंज आ गए और छोड़ दिया।
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यहां से अब्दुल सलाम ग्रामीणों के साथ उनकी छतों पर चढ़ गए। उनके हाथों में काले झंडे और भूमाफिया आजम जैसे नारों से लिखी तख्तियां थीं। अखिलेश यादव की चहलकदमी देख ग्रामीणों के साथ काले झंडे दिखाने शुरु कर दिया। नारेबाजी के साथ ही करीब दो घंटे विरोध प्रदर्शन होता रहा। इस मौके पर अब्दुल सलाम ने कहा कि आजम खां ने जौहर यूनिवर्सिटी में गलत तरीके से ग्रामीणों की जमीन कब्जा लीं। अखिलेश यादव को आजम खां का नहीं, बल्कि गरीब किसानों का समर्थन करना चाहिए। इस मौके पर तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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