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किसानों और टांडा के लिए वरदान साबित होगा लालपुर बैराज
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
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लालपुर बैराज
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टांडा के लोगों को अब जिला मुख्यालय आने के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लालपुर पुल पर लगने वाले जाम से उन्हें जल्द ही निजात मिल जाएगी।
बैराज का निर्माण किसानों के लिए वरदान साबित होगा। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव रविवार को कोसी नदी पर बनने वाले बैराज का शिलान्यास करेंगे।
रामपुर और टांडा को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर लालपुर पुल बना है। ये पुल 84 वर्ष पहले रामपुर रियासत के तत्कालीन नवाब ने बनवाया था। मरम्मत के अभाव में पुल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। पुल संकरा होने की वजह से यहां हमेशा जाम लगा रहता है। लालपुर के पास दूसरा पुल बनाए जाने की मांग लंबे अर्से से उठ रही है।
वर्ष 2013 में जौहर विवि में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आजम खां ये मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मांग को मान लिया था। पैसा भी जारी कर दिया गया था, लेकिन तकनीकी वजह से काम शुरू नहीं हो सका था। आजम खां ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से काम शुरू नहीं हो पाया है।
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इसके बाद सरकारी अमला फिर सक्रिय हुआ और शिलान्यास की तैयारी शुरू की गई। वहां पर भूमि पूजन हो चुका है। अब निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। बैराज के निर्माण से जहां किसानों को फायदा होगा, वहीं जाम की समस्या से निजात मिलेगा।
बैराज का निर्माण किसानों के लिए वरदान साबित होगा। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव रविवार को कोसी नदी पर बनने वाले बैराज का शिलान्यास करेंगे।
रामपुर और टांडा को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर लालपुर पुल बना है। ये पुल 84 वर्ष पहले रामपुर रियासत के तत्कालीन नवाब ने बनवाया था। मरम्मत के अभाव में पुल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। पुल संकरा होने की वजह से यहां हमेशा जाम लगा रहता है। लालपुर के पास दूसरा पुल बनाए जाने की मांग लंबे अर्से से उठ रही है।
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वर्ष 2013 में जौहर विवि में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आजम खां ये मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मांग को मान लिया था। पैसा भी जारी कर दिया गया था, लेकिन तकनीकी वजह से काम शुरू नहीं हो सका था। आजम खां ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से काम शुरू नहीं हो पाया है।
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इसके बाद सरकारी अमला फिर सक्रिय हुआ और शिलान्यास की तैयारी शुरू की गई। वहां पर भूमि पूजन हो चुका है। अब निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। बैराज के निर्माण से जहां किसानों को फायदा होगा, वहीं जाम की समस्या से निजात मिलेगा।