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Bakrid: आजम खां बोले- ईद आई है चली जाएगी, एक दूसरे का एहतराम किया जाए
Sun, 10 Jul 2022 08:38 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 10 Jul 2022 08:38 PM IST
सार
आरोप लगाया कि जिस तरह से चौराहों पर खड़े होकर पुलिस बाइक वालों से, बच्चों से पैसा उगाती है और कहते हैं कि तुम इसी काबिल हो ये सुनकर तकलीफ होती है। अच्छे दिनों की उम्मीद में कुछ लोग जिंदा हैं। कहा कि जहां तक साथ दिया जाएगा देंगे।
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मीडिया से बात करते आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा नेता एवं शहर विधायक आजम खां ने अपने बेटों के साथ मोहल्ले की मस्जिद में बकरीद की नमाज अदा की। इसके बाद कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से मिलकर ईद की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईद आई है चली जाएगी, एक-दूसरे का एहतराम किया जाए।
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ईद पर संदेश को लेकर मीडिया से हुई बात में कहा कि ईद-बकरीद, होली-दीवाली ये सब त्यौहार खुशियों के हैं। समाज में कितनी खुशियां हैं, कितना चैन-सुकून है, इससे कौन वाकिफ नहीं है। एक रस्म है ईद आई है, चली जाएगी, बस इतनी दुआ है, इतनी गुजारिश है कि खैरियत से गुजरने दी जाए। एक-दूसरे का एहतराम किया जाए, त्यौहारों का भी, धर्मों का भी विचारों का भी। सड़कों पर नमाज पढ़ने की पांबदी के सवाल पर कहा कि इस मामले पर सरकार और उलमाओं का एक ही कहना। जो लोग सरकार की बात मानना चाहें वो सरकार की मानें और जो लोग दीनी उलमाओं की बात मानना चाहें उनकी बात मानें। दोनों की एक ही सी ख्वाहिश है, और एक सी अपील है, जो मिजाज-ए-यार मिले।
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इसके बाद दोपहर को आजम खां सपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर कार्यकर्ताओं से मिलकर ईद की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे रामपुर के एक शायर हैं, इनायती साहब उनकी एक शायरी है कि ऐसा न हो कि होठों पर नाम ए नबी न हो और जो सांस ले रहे हो वो कहीं आखिरी न हो। क्योंकि हमें ये नहीं मालूम की हमारी कितनी जिंदगी है, जिंदगी की डोर इतनी कमजोर है उसके लिए बहुत इतराना, उसूलों से हटकर जीना, अपनों का अपना न समझना प्यार बांटने की जगह हिकारत फैलाना सही नहीं है।
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कहा कि पहले जब हम कचरा कहलाते थे, बीड़ियों की ब्रांच पर बैठते थे तो बड़ी मोहब्बत मिलती थी। पहले हम मोटरसाइकिल से चलते थे और उसी का नंबर आज तक याद है। बिजली और पुलिस चेकिंग को लेकर कहा कि बिजली वाले लोगों के घर के अंदर घुस जाते हैं। न कानून का लिहाज करते हैं और न ही शराफत का।
आरोप लगाया कि जिस तरह से चौराहों पर खड़े होकर पुलिस बाइक वालों से, बच्चों से पैसा उगाती है और कहते हैं कि तुम इसी काबिल हो ये सुनकर तकलीफ होती है। अच्छे दिनों की उम्मीद में कुछ लोग जिंदा हैं। कहा कि जहां तक साथ दिया जाएगा देंगे। कहा कि जिस सरकार की सोच और स्तर ये हो कि मंत्री रहते हमने अपने पत्नी-बेटे के साथ शराब की दुकान में लूट की इस आरोप में मुकदमा कराए तो आपको ये सोचाना चाहिए हम सब रडार पर हैं, कोई गलतफहमी में न रहे।
कहा कि कैसा बदलाव आ गया है अब, पहले कितनी भीड हाती थी, ईदगाह और जामा मस्जिद में, कितना बडा मेला लगता था किले में ईद और होली-दीवाली पर। आज मेला लगता है कस्तूरबा गांधी पार्क में और जो कस्तूरबा गांधी की तौहीन करते हैं उनके लिए ताज्जुब इसलिए नहीं क्योंकि वो बापू के हथियारें हैं। जिन्होंने बापू को मार दिया वो कस्तूरबा गांधी का कारोबार करेंगे ये उनसे उम्मीद की जाती है। कहा कि 15 साल के लिए ठेका दे दिया गया पार्क का और उस पार्क को अड्डा बना दिया गया है मनचलों का।
इस मौके पर स्वार सीट से सपा विधायक एवं आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम, लोकसभा उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी रहे आसिम राजा, गुड्डू मसूद समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।