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दो साल में सिर्फ दो बार रामपुर कोर्ट में पेश हुए सपा सांसद आजम खां
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रामपुर। सपा सांसद आजम खां को जेल में बंद हुए दो साल बीत गए हैं। इस बीच वह सिर्फ दो ही बार रामपुर कोर्ट में पेशी पर आए, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम जमानत पर बाहर हैं। आजम खां की जमानत अभी तीन मामलों में होना बाकी है।
सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। उन पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन कब्जाने से लेकर भैंस और बकरी चोरी करने तक के आरोप में 87 मुकदमे दर्ज किए गए, जो कि अदालत में विचाराधीन हैं। अदालत द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किए गए। जिस पर आजम खां ने पुलिस को चकमा देकर अचानक 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों को जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस पर पुलिस उन्हें जेल में दाखिल कर दिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से तीनों को रातोंरात प्रशासन ने सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया।
इस दौरान कोर्ट में उनके मुकदमों को लेकर लगातार सुनवाई होती रही। रामपुर कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों में सिर्फ एक मामले में उनकी जमानत होना बाकी है, जबकि लखनऊ के दो मामलों में उनकी जमानत होना शेष है। बाकी, सभी मुकदमों उनकी जमानत मंजूर हो चुकी है।
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इस बीच दो सालों में आजम खां एक मार्च 2020 और तीन मार्च 2020 को रामपुर कोर्ट में पेशी पर आए। किंतु, इसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से कोर्ट में उनकी फिजिकल पेशी नहीं हो सकी। लेकिन, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके मुकदमों की सुनवाई लगातार होती रही है। इस दौरान उन्होंने शहर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा है लेकिन, उन्होंने नामांकन भी सीतापुर जेल से ही दाखिल किया है।
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सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। उन पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन कब्जाने से लेकर भैंस और बकरी चोरी करने तक के आरोप में 87 मुकदमे दर्ज किए गए, जो कि अदालत में विचाराधीन हैं। अदालत द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किए गए। जिस पर आजम खां ने पुलिस को चकमा देकर अचानक 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों को जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस पर पुलिस उन्हें जेल में दाखिल कर दिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से तीनों को रातोंरात प्रशासन ने सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया।
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इस दौरान कोर्ट में उनके मुकदमों को लेकर लगातार सुनवाई होती रही। रामपुर कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों में सिर्फ एक मामले में उनकी जमानत होना बाकी है, जबकि लखनऊ के दो मामलों में उनकी जमानत होना शेष है। बाकी, सभी मुकदमों उनकी जमानत मंजूर हो चुकी है।
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इस बीच दो सालों में आजम खां एक मार्च 2020 और तीन मार्च 2020 को रामपुर कोर्ट में पेशी पर आए। किंतु, इसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से कोर्ट में उनकी फिजिकल पेशी नहीं हो सकी। लेकिन, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके मुकदमों की सुनवाई लगातार होती रही है। इस दौरान उन्होंने शहर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा है लेकिन, उन्होंने नामांकन भी सीतापुर जेल से ही दाखिल किया है।