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पीपली वन में कब्जा हटाने गए वन कर्मियो पर फायरिंग
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मिलकखानम (रामपुर)। पीपली वन में अतिक्रमण हटाने पहुंच वन कर्मियों पर दो सगे भाइयों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद वह मौका पाकर वहां से फरार हो गए। इस मामले में वन दरोगा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
स्वार में वन दरोगा के पद पर तैनात सोमपाल का कहना है कि अधिकारियों के आदेश पर वह अपनी टीम और मिलकखानम पुलिस के साथ पीपली वन कक्ष संख्या तीन में गांव कलकत्ता की ओर पैदल गश्त करते हुए जंगल की सीमा पर अतिक्रमण का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उनको पता चला कि उत्तराखंड के गदरपुर निवासी करनैल सिंह और दयाल सिंह ने पीपली वन की आरक्षित भूमि पर कब्जा कर रखा है।वह लोग उस कब्जा को हटाने का प्रयास कर रहे थे कि इस दौरान खेत में खड़े दोनों भाइयों ने टीम के साथ गाली गलौज करते हुए उन पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। गोली चलने के बाद वह लोग घबरा गए। इस दौरान आरोपी भी मौका पाकर फरार हो गए थे। बाद में इस मामले में वन दरोगा सोमपाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों सगे भाइयों पर जान लेवा हमला सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे पहले भी वन विभाग की टीम पर पहले भी हमले किए जा चुके हैं।
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स्वार में वन दरोगा के पद पर तैनात सोमपाल का कहना है कि अधिकारियों के आदेश पर वह अपनी टीम और मिलकखानम पुलिस के साथ पीपली वन कक्ष संख्या तीन में गांव कलकत्ता की ओर पैदल गश्त करते हुए जंगल की सीमा पर अतिक्रमण का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उनको पता चला कि उत्तराखंड के गदरपुर निवासी करनैल सिंह और दयाल सिंह ने पीपली वन की आरक्षित भूमि पर कब्जा कर रखा है।वह लोग उस कब्जा को हटाने का प्रयास कर रहे थे कि इस दौरान खेत में खड़े दोनों भाइयों ने टीम के साथ गाली गलौज करते हुए उन पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। गोली चलने के बाद वह लोग घबरा गए। इस दौरान आरोपी भी मौका पाकर फरार हो गए थे। बाद में इस मामले में वन दरोगा सोमपाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों सगे भाइयों पर जान लेवा हमला सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इससे पहले भी वन विभाग की टीम पर पहले भी हमले किए जा चुके हैं।
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