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Rampur News: आजम खां की अपील पर बहस पूरी, 18 जुलाई को आ सकता है फैसला
Wed, 15 Jul 2026 11:07 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:07 PM IST
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रामपुर। सपा नेता आजम खां को तत्कालीन डीएम को ''''''''तनखैया'''''''' बताने के मामले में लोअर कोर्ट से हुई दो वर्ष की सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट में दायर अपील पर अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो गई। अब इस मामले में 18 जुलाई को सेशन कोर्ट फैसला सुना सकती है।
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। उस समय सपा और बसपा का गठबंधन था तथा रामपुर लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आई थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने कई विवादित बयान दिए थे। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार पर भी रोक लगा दी थी। इन्हीं मामलों में एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था।
यह मुकदमा तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराया गया था। इस मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 16 मई 2026 को आजम खां को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दायर की, जिस पर सुनवाई चल रही है।
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बुधवार को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अपनी बहस पूरी की। एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि अब 18 जुलाई तक बचाव पक्ष चाहे तो किसी भी दिन अपना पक्ष रख सकता है। इसके बाद कोर्ट 18 जुलाई को इस मामले में फैसला सुना सकती है।
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यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। उस समय सपा और बसपा का गठबंधन था तथा रामपुर लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आई थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने कई विवादित बयान दिए थे। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में आचार संहिता उल्लंघन के कई मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार पर भी रोक लगा दी थी। इन्हीं मामलों में एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था।
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यह मुकदमा तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराया गया था। इस मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 16 मई 2026 को आजम खां को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दायर की, जिस पर सुनवाई चल रही है।
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बुधवार को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अपनी बहस पूरी की। एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि अब 18 जुलाई तक बचाव पक्ष चाहे तो किसी भी दिन अपना पक्ष रख सकता है। इसके बाद कोर्ट 18 जुलाई को इस मामले में फैसला सुना सकती है।