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Rampur News: नक्शा पास कराने में शुल्क निर्धारण की मनमर्जी खत्म, एक समान हुईं दरें
Thu, 20 Feb 2025 01:47 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:47 AM IST
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रामपुर। नगरों-महानगरों के प्राधिकरण में नक्शा पास कराने व अन्य मामलों में प्रभावी शुल्कों को अब एकसमान कर दिया गया है। इसका संपूर्ण लाभ जरूरतमंदों को मिलना शुरू हो गया है। उच्च स्तरीय इस बदलाव को मंगलवार को हुई रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की 40वीं बोर्ड बैठक में अंगीकृत कर लिया गया है। अब विकास प्राधिकरण में विकास, भवन परमिट शुल्क और निरीक्षण एवं समाघात शुल्क व अन्य शुल्क लिए जाएंगे।
विभिन्न मदों के शुल्क एकसमान होने का ही असर है कि आरडीए ने शहर से बाहर किसी भी भूखंड के नक्शा स्वीकृति में 628 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित कर रखा था। इस तरह एक हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि पर जरूरतमंद को कुल 62.80 लाख रुपये देय होते थे। लेकिन, अब एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के भूखंड के नक्शा स्वीकृति पर केवल 10 हजार रुपये विकास शुल्क देना होगा। इसी तरह शहर के अंदर आवासीय नक्शे के लिए 166 रुपये प्रति वर्ग मीटर और कॉमर्शियल में 302 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क तय था। आरडीए नक्शा स्वीकृति के संबंध में भूखंड का निरीक्षण शुल्क 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर रखा था, जो अब मात्र 10 रुपये हो गया है।
इसी तरह प्लान, सुंदरीकरण, मलबा कई तरह के शुल्क आरडीए ने तय कर रखे हैं। जिनमें बदलाव कर काफी कम किया जा रहा है। जिसका सीधा लाभ आवासीय एवं अनावासीय भवन बनाने वालों को मिलेगा। उधर, आरडीए के सचिव संदीप वर्मा ने बताया कि शासन ने आवास एवं शहरी नियोजन में उप्र नगर योजना और विकास नियमावाली-2024 को प्रभावी कर दिया है। जिसके आधार पर ही अब विभिन्न विकास प्राधिकरणों में विकास, भवन परमिट शुल्क और निरीक्षण एवं समाघात शुल्क व अन्य शुल्क एक समान लिए जाएंगे। अब कोई भी विकास प्राधिकरण अपने स्तर से शुल्कों का निर्धारण नहीं कर पाएगा।
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प्राधिकरण में इस तरह एक समान लागू हुईं दरें
विकास परमिट शुल्क :
एक हेक्टेयर तक भूमि के विकास के लिए 10 हजार रुपये, इससे अधिक क्षेत्र और 2.5 हेक्टेयर तक के भूखंड के विकास के लिए 20 हजार रुपये का शुल्क रहेगा। ढाई हेक्टेयर से 5 हेक्टेयर तक शुल्क 30 हजार रुपये की दर से शुल्क लिया जाएगा।
भवन परमिट शुल्क : भवन परमिट के मामले में कुल प्रस्तावित आच्छादित क्षेत्रफल के आधार पर भिन्न-भिन्न भूमि उपयोग के भवन रेखांकन के लिए फीस की गणना होगी। इसमें वाणिज्यिक, शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, शॉपिंग मॉल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, मिश्रित उपयोग और कार्यालय उपयोग पर 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भवन परमिट शुल्क लिया जाएगा। समूह आवास मामले में 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर और भूखंड आवासीय और अन्य उपयोग पर पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क जमा करना होगा।
निरीक्षण शुल्क : विकास परमिट के मामले में निरीक्षण शुल्क की दर कुल क्षेत्रफल पर 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर जमा करना होगा। दूसरा ये कि भवन परमिट मामले में निरीक्षण शुल्क की दर सभी प्रकार के भवन रेखांकन, चाहे एक मंजिला या बहुमंजिला हो, भवन के कुल जमीन के क्षेत्रफल पर 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर जमा करने होंगे।
समाघात शुल्क :
जहां महायोजना या क्षेत्रीय विकास योजना में चिह्नित भूमि उपयोग में किसी क्रियाकलाप के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत किया गया हो, वहां प्राधिकरण समाघात शुल्क लेगा। इसमें भी भूमि के विद्यमान उपयोग के वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर भूमि खंड के कुल क्षेत्रफल पर समाघात शुल्क का निर्धारण व संग्रह होगा। इसमें कृषि, हरित पट्टी, सीमा, पार्क और खेल मैदान को छूट दी गई है। जबकि, सार्वजनिक और अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाएं, औद्योगिक, आवासीय, कार्यालय व वाणिज्यिक भू-उपयोग में समाघात शुल्क रखा गया है। शुल्क में प्राप्त धनराशि में 90 प्रतिशत धन प्राधिकरण स्तर पर स्थापित अवसंरचना विकास निधि के कार्य पर खर्च होगी। शेष 10 प्रतिशत धनराशि प्राधिकरण का अंश होगा।
वर्जन--
अब चाहे लखनऊ, बरेली या मुरादाबाद अथवा रामपुर विकास प्राधिकरण हो, इन सभी में शुल्क एकसमान हो गए हैं। इस संबंध में अभी 13 फरवरी और 28 जनवरी को ही शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है। जिसे आरडीए बोर्ड की 40वीं बैठक में अंगीकृत भी कर लिया गया है। नई दरों के आधार पर आरडीए में भी पूर्व से निर्धारित शुल्कों में बदलाव किया जा रहा है। -संदीप वर्मा, सचिव, सिटी मजिस्ट्रेट, आरडीए
समाघात (प्रभाव) शुल्क पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसी क्रम में निरीक्षण शुल्क में कुछ दिक्कतें खड़ी हो गई थीं। दरअसल, हाईकोर्ट का कहना था कि निर्धारित दरों का कोई शासनादेश हो और एकसमान दरें लागू हों। जिसके क्रम में शासन ने दरें एकसमान लागू कर दी हैं। पिछले साल जून में आरडीए में दरों में वृद्धि हो गई थी। अब नई व्यवस्था के क्रम में रामपुर विकास प्राधिकरण में भी नए सिरे से शुल्क तय हो रहे हैं। -प्रमोद गुप्ता, सहायक अभियंता, आरडीए
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विभिन्न मदों के शुल्क एकसमान होने का ही असर है कि आरडीए ने शहर से बाहर किसी भी भूखंड के नक्शा स्वीकृति में 628 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित कर रखा था। इस तरह एक हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि पर जरूरतमंद को कुल 62.80 लाख रुपये देय होते थे। लेकिन, अब एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के भूखंड के नक्शा स्वीकृति पर केवल 10 हजार रुपये विकास शुल्क देना होगा। इसी तरह शहर के अंदर आवासीय नक्शे के लिए 166 रुपये प्रति वर्ग मीटर और कॉमर्शियल में 302 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क तय था। आरडीए नक्शा स्वीकृति के संबंध में भूखंड का निरीक्षण शुल्क 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर रखा था, जो अब मात्र 10 रुपये हो गया है।
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इसी तरह प्लान, सुंदरीकरण, मलबा कई तरह के शुल्क आरडीए ने तय कर रखे हैं। जिनमें बदलाव कर काफी कम किया जा रहा है। जिसका सीधा लाभ आवासीय एवं अनावासीय भवन बनाने वालों को मिलेगा। उधर, आरडीए के सचिव संदीप वर्मा ने बताया कि शासन ने आवास एवं शहरी नियोजन में उप्र नगर योजना और विकास नियमावाली-2024 को प्रभावी कर दिया है। जिसके आधार पर ही अब विभिन्न विकास प्राधिकरणों में विकास, भवन परमिट शुल्क और निरीक्षण एवं समाघात शुल्क व अन्य शुल्क एक समान लिए जाएंगे। अब कोई भी विकास प्राधिकरण अपने स्तर से शुल्कों का निर्धारण नहीं कर पाएगा।
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प्राधिकरण में इस तरह एक समान लागू हुईं दरें
विकास परमिट शुल्क :
एक हेक्टेयर तक भूमि के विकास के लिए 10 हजार रुपये, इससे अधिक क्षेत्र और 2.5 हेक्टेयर तक के भूखंड के विकास के लिए 20 हजार रुपये का शुल्क रहेगा। ढाई हेक्टेयर से 5 हेक्टेयर तक शुल्क 30 हजार रुपये की दर से शुल्क लिया जाएगा।
भवन परमिट शुल्क : भवन परमिट के मामले में कुल प्रस्तावित आच्छादित क्षेत्रफल के आधार पर भिन्न-भिन्न भूमि उपयोग के भवन रेखांकन के लिए फीस की गणना होगी। इसमें वाणिज्यिक, शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, शॉपिंग मॉल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, मिश्रित उपयोग और कार्यालय उपयोग पर 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भवन परमिट शुल्क लिया जाएगा। समूह आवास मामले में 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर और भूखंड आवासीय और अन्य उपयोग पर पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क जमा करना होगा।
निरीक्षण शुल्क : विकास परमिट के मामले में निरीक्षण शुल्क की दर कुल क्षेत्रफल पर 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर जमा करना होगा। दूसरा ये कि भवन परमिट मामले में निरीक्षण शुल्क की दर सभी प्रकार के भवन रेखांकन, चाहे एक मंजिला या बहुमंजिला हो, भवन के कुल जमीन के क्षेत्रफल पर 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर जमा करने होंगे।
समाघात शुल्क :
जहां महायोजना या क्षेत्रीय विकास योजना में चिह्नित भूमि उपयोग में किसी क्रियाकलाप के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत किया गया हो, वहां प्राधिकरण समाघात शुल्क लेगा। इसमें भी भूमि के विद्यमान उपयोग के वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर भूमि खंड के कुल क्षेत्रफल पर समाघात शुल्क का निर्धारण व संग्रह होगा। इसमें कृषि, हरित पट्टी, सीमा, पार्क और खेल मैदान को छूट दी गई है। जबकि, सार्वजनिक और अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाएं, औद्योगिक, आवासीय, कार्यालय व वाणिज्यिक भू-उपयोग में समाघात शुल्क रखा गया है। शुल्क में प्राप्त धनराशि में 90 प्रतिशत धन प्राधिकरण स्तर पर स्थापित अवसंरचना विकास निधि के कार्य पर खर्च होगी। शेष 10 प्रतिशत धनराशि प्राधिकरण का अंश होगा।
वर्जन
अब चाहे लखनऊ, बरेली या मुरादाबाद अथवा रामपुर विकास प्राधिकरण हो, इन सभी में शुल्क एकसमान हो गए हैं। इस संबंध में अभी 13 फरवरी और 28 जनवरी को ही शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है। जिसे आरडीए बोर्ड की 40वीं बैठक में अंगीकृत भी कर लिया गया है। नई दरों के आधार पर आरडीए में भी पूर्व से निर्धारित शुल्कों में बदलाव किया जा रहा है। -संदीप वर्मा, सचिव, सिटी मजिस्ट्रेट, आरडीए
समाघात (प्रभाव) शुल्क पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसी क्रम में निरीक्षण शुल्क में कुछ दिक्कतें खड़ी हो गई थीं। दरअसल, हाईकोर्ट का कहना था कि निर्धारित दरों का कोई शासनादेश हो और एकसमान दरें लागू हों। जिसके क्रम में शासन ने दरें एकसमान लागू कर दी हैं। पिछले साल जून में आरडीए में दरों में वृद्धि हो गई थी। अब नई व्यवस्था के क्रम में रामपुर विकास प्राधिकरण में भी नए सिरे से शुल्क तय हो रहे हैं। -प्रमोद गुप्ता, सहायक अभियंता, आरडीए