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आजम अंकल! प्लीज, जाम से निजात दिलवाइए
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 01:10 AM IST
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जाम में फंसी डीएमए पब्लिक स्कूल की बस।
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आजम अंकल! आपने शहर को खूबसूरत कर दिया लेकिन स्कूल की डगर अभी भी मुश्किलों भरी है। स्कूल पहुंचते-पहुंचते और फिर वापस आते-आते जाम में इस तरह फंसते हैं कि हाल बेहाल हो जाता है। अंकल प्लीज.. हाईवे पर रोजाना लगने वाले जाम को हटवा दीजिए।
यह गुहार हाईवे किनारे स्थित स्कूलों के बच्चे अब लगा रहे हैं क्योंकि करीब दस किलोमीटर तक के हाईवे के रास्ते में जगह-जगह अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे अब आजिज आ चुके हैं।
सिविल लाइंस चौराहे से दुर्गनगला तक के हाईवे पर नजर दौड़ाई जाए तो यह साफ हो जाएगा कि हाईवे पर दस किलोमीटर का सफर कितना मुश्किल भरा है। चौराहों पर अतिक्रमण के साथ ही हाईवे किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों ने इस सफर को मुश्किल भरा बना दिया है। दस किलोमीटर के इस एरिया में छह से ज्यादा स्कूल हैं, जिनके करीब पांच हजार से ज्यादा बच्चे रोजाना बसों के जरिए स्कूल तक पहुंचते हैं। इनके लिए हर रोज स्कूल तक का सफर बेहद मुश्किल भरा है क्योंकि छुट्टी के बाद जिस तरह बसें जहां-तहां जाम में फंसती हैं उससे दिक्कत होती है। बच्चे गर्मी से बेहाल होकर बसों में ही फंसे रहते हैं।
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दयावती मोदी अकादमी के रिषभ, अनुज, सिमरन और सेंटपाल्स स्कूल की सृष्टि, वरुण और व्हाइट हाल स्कूल की अनु, रागिनी समेत अन्य बच्चे अब उम्मीद की टकटकी नगर विकास मंत्री पर लगाए हुए हैं। उनका कहना है कि आजम अंकल आपने शहर को बेहद खूबसूरत कर दिया, लेकिन हाईवे पर रोजाना वाले जाम से मुक्ति और दिलवा दीजिए। स्कूल तक जाना मुश्किल भरा है।
यह गुहार हाईवे किनारे स्थित स्कूलों के बच्चे अब लगा रहे हैं क्योंकि करीब दस किलोमीटर तक के हाईवे के रास्ते में जगह-जगह अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे अब आजिज आ चुके हैं।
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सिविल लाइंस चौराहे से दुर्गनगला तक के हाईवे पर नजर दौड़ाई जाए तो यह साफ हो जाएगा कि हाईवे पर दस किलोमीटर का सफर कितना मुश्किल भरा है। चौराहों पर अतिक्रमण के साथ ही हाईवे किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों ने इस सफर को मुश्किल भरा बना दिया है। दस किलोमीटर के इस एरिया में छह से ज्यादा स्कूल हैं, जिनके करीब पांच हजार से ज्यादा बच्चे रोजाना बसों के जरिए स्कूल तक पहुंचते हैं। इनके लिए हर रोज स्कूल तक का सफर बेहद मुश्किल भरा है क्योंकि छुट्टी के बाद जिस तरह बसें जहां-तहां जाम में फंसती हैं उससे दिक्कत होती है। बच्चे गर्मी से बेहाल होकर बसों में ही फंसे रहते हैं।
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दयावती मोदी अकादमी के रिषभ, अनुज, सिमरन और सेंटपाल्स स्कूल की सृष्टि, वरुण और व्हाइट हाल स्कूल की अनु, रागिनी समेत अन्य बच्चे अब उम्मीद की टकटकी नगर विकास मंत्री पर लगाए हुए हैं। उनका कहना है कि आजम अंकल आपने शहर को बेहद खूबसूरत कर दिया, लेकिन हाईवे पर रोजाना वाले जाम से मुक्ति और दिलवा दीजिए। स्कूल तक जाना मुश्किल भरा है।