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Rampur News: फर्जी तरीके से नौकरी हथियाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर केस
सार
मिलक खानम क्षेत्र के मुस्तफाबाद खुर्द गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन पर फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में जांच शुरू कर दी है।
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विस्तार
मिलक खानम। क्षेत्र के ग्राम मुस्तफाबाद खुर्द आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
मिलकखानम थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद खुर्द गांव निवासी विमला ने जिलाधिकारी रामपुर को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2024 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन किया था। वरीयता सूची में उसका नाम था लेकिन जब अंतिम मेरिट सूची जारी हुई तो नाम हटा दिया गया। जानकारी करने पर उसे पता चला कि गांव की ही सुमन पत्नी प्रमोद का नाम शामिल कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार सुमन ने धोखाधड़ी करते हुए अलग-अलग जन्मतिथियों पर दो बार हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2013 में कानपुर से हाईस्कूल पास करने वाली सुमन की जन्मतिथि 12 मई 1995 दर्ज है, वहीं वर्ष 2017 में रामपुर से उत्तीर्ण की गई परीक्षा की मार्कशीट में जन्मतिथि 12 मई 2001 दर्शाई गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी की जांच में सुमन ने दूसरा प्रमाणपत्र अपना न होने का दावा किया था। लेकिन भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ से मिली जानकारी के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सुमन वर्ष 2013 की वास्तविक छात्रा हैं।
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अब जिलाधिकारी के निर्देश पर थाना मिलकखानम पुलिस ने सुमन के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मिलक खानम थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
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मिलकखानम थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद खुर्द गांव निवासी विमला ने जिलाधिकारी रामपुर को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2024 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन किया था। वरीयता सूची में उसका नाम था लेकिन जब अंतिम मेरिट सूची जारी हुई तो नाम हटा दिया गया। जानकारी करने पर उसे पता चला कि गांव की ही सुमन पत्नी प्रमोद का नाम शामिल कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार सुमन ने धोखाधड़ी करते हुए अलग-अलग जन्मतिथियों पर दो बार हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2013 में कानपुर से हाईस्कूल पास करने वाली सुमन की जन्मतिथि 12 मई 1995 दर्ज है, वहीं वर्ष 2017 में रामपुर से उत्तीर्ण की गई परीक्षा की मार्कशीट में जन्मतिथि 12 मई 2001 दर्शाई गई है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी की जांच में सुमन ने दूसरा प्रमाणपत्र अपना न होने का दावा किया था। लेकिन भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ से मिली जानकारी के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सुमन वर्ष 2013 की वास्तविक छात्रा हैं।
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अब जिलाधिकारी के निर्देश पर थाना मिलकखानम पुलिस ने सुमन के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मिलक खानम थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।