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एनीमिया के चिन्हीकरण रिपोर्ट पर डीएम ने जताई नाराजगी
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रामपुर। विकास खंड चमरौआ, स्वार शहर एवं रामपुर शहर में किशोरी बालिका एवं गर्भवती महिलाओं के एनीमिया के अंतर्गत चिन्हीकरण की रिपोर्ट संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आगामी दस दिवस के भीतर पुन: चिन्हीकरण कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। जिलाधिकारी कलक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने सबला सलोनी कार्यक्रम, किशोरी की पोटली, कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न बिंदुओं की प्रगति के संबंध में विस्तार पूर्वक समीक्षा बैठक की तथा कहा कि जनपद के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन की शतप्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए, जिससे बच्चों के कुपोषण स्तर में सुधार करने में मदद मिल सके। किशोरी की पोटली कार्यक्रम को गंभीरता पूर्वक लागू करने के लिए भी निर्देशित किया तथा कहा कि इस कार्यक्रम में किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान में मदद मिलती है, इसलिए इस कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सबला सलोनी कार्यक्रम को भी प्राथमिकता से चलाए जाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करके आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय समिति को प्रेषित करें। ताकि, शासन द्वारा जनपद को निर्धारित लक्ष्य को यथाशीघ्र शतप्रतिशत पूर्ण किया जा सके। जिले को शासन द्वारा 23 हजार का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें 11500 पंजीकरण हो चुके हैं। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुबोध कुमार शर्मा सहित उपजिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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उन्होंने सबला सलोनी कार्यक्रम, किशोरी की पोटली, कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न बिंदुओं की प्रगति के संबंध में विस्तार पूर्वक समीक्षा बैठक की तथा कहा कि जनपद के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन की शतप्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए, जिससे बच्चों के कुपोषण स्तर में सुधार करने में मदद मिल सके। किशोरी की पोटली कार्यक्रम को गंभीरता पूर्वक लागू करने के लिए भी निर्देशित किया तथा कहा कि इस कार्यक्रम में किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान में मदद मिलती है, इसलिए इस कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सबला सलोनी कार्यक्रम को भी प्राथमिकता से चलाए जाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करके आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय समिति को प्रेषित करें। ताकि, शासन द्वारा जनपद को निर्धारित लक्ष्य को यथाशीघ्र शतप्रतिशत पूर्ण किया जा सके। जिले को शासन द्वारा 23 हजार का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें 11500 पंजीकरण हो चुके हैं। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुबोध कुमार शर्मा सहित उपजिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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