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Rampur: शानू के जिला बदर होने के दौरान लिखी गई थी भाजपा में शामिल होने की पटकथा, आरएसएस के एक नेता ने की मदद

Tue, 22 Nov 2022 10:41 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 22 Nov 2022 10:41 PM IST
सार

जानकारों की माने तो जिला बदर होने के दौरान शानू जब दर बदर भटक रहे थे उनकी मुलाकात संघ के एक पदाधिकारी से हुई थी। उन्होंने ही उनको सलाह दी थी कि वो भाजपा में शामिल हो जाएं।

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An RSS leader helped Sanu join the BJP
भाजपा में शामिल हुए फसाहत अली खां शानू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 सपा नेता आजम खां का लंबे तक मीडिया प्रभारी रहे फसाहत अली खां शानू के भाजपा में शामिल होने की जानकारी मिलने पर हर व्यक्ति चौक सा गया। उसके मुंह से अनयास ही निकल गया अरे शानू ने भी आजम का साथ छोड़ दिया। ऐसे नहीं है शानू ने यह फैसला अचानक लिया है। शानू की भाजपा में शामिल होने की पटकथा उस वक्त लिखी गई थी जब वो जिला बदर थे। बस वो मौके का इंतजार कर रहे थे। जिले से बाहर रहने के दौरान शानू की मुलाकात आरएसएस के एक पदाधिकारी से हुई थी। उन्होंने ही शानू के लिए भाजपा की राह आसान की।

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फसाहत खां शानू ने तो वैसे अपनी राजनीतिक जीवन की शुरूआत एनएसयूआई से की थी। इसके बाद वो नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां से जुड़ गए थे। नवेद मियां के मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी उन्होंने निभाई थी। 2005 में शानू नवेद को छोड़कर आजम खां के पास चले गए थे। आजम खां ने उनको अपना मीडिया प्रभारी बना दिया था। शानू का पार्टी में अच्छा रुतबा था। इसके बाद आजम खां चाहे सत्ता में रहे या विपक्ष में शानू ने उनका साथ नहीं छोड़ा। 2009 में जब आजम खां को सपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया तो भी शानू उनके साथ खड़े रहे। 2017 में जब प्रदेश में सरकार बदली तो आजम खां पर कई मुकदमे दर्ज हुए। शानू पर भी कई मुकदमे दर्ज हुए। उन पर भैंस की घंटी चोरी करने के तक के आरोप लगे। मुकदमे दर्ज होने के बाद शानू भूमिगत हो गए थे। हालांकि बाद में पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई महीनों तक वो जेल में रहे। जेल में रहने के दौरान ही उनके वालिद का इंतकाल हो गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी मुसीबत कम नहीं हुई। गुंडा एक्ट लगाकर उनको दो बार जिला बदर कर दिया गया।
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जानकारों की माने तो जिला बदर होने के दौरान शानू जब दर बदर भटक रहे थे उनकी मुलाकात संघ के एक पदाधिकारी से हुई थी। उन्होंने ही उनको सलाह दी थी कि वो भाजपा में शामिल हो जाएं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश स्तर के एक बड़े नेता से बात की थी। आजम खां का दाहिना हाथ माने जाने वाले शानू को भाजपा में शामिल होने की बात को बड़े नेता भी स्वीकार कर लिया। बात तो पहले से तय थी, शानू को बस मौके का इंतजार था। बड़े नेता भी कहा था कि आपकी पार्टी ज्वाइनिंग बड़े स्तर पर होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह जब सोमवार को रामपुर आए तो शानू अपने साथियों के साथ पार्टी में शामिल हो गए। ऐसा भी नहीं था कि शानू पर कोई दबाब नहीं था। आजम खां का साथ छोड़ना एक बड़ा फैसला था। लेकिन बड़े नेता की बात का ख्याल रखते हुए शानू अपने कदम पीछे नहीं खिचे।
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शानू ने मांगी सुरक्षा की गारंटी
भाजपा में शामिल होने के वक्त शानू ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के सामने कहा कि अब मैं आपके पास आ गया हूं। मेरी सुरक्षा की गारंटी होनी चाहिए। सवाल यह उठता है कि शानू को किस बात का खतरा है। क्या वो यह आश्वासन चाहते हैं कि उनके खिलाफ अब कोई कार्रवाई न हो। अभी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन एक बात तो तय है कि अब शानू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उनके खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हैं वो कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन मुकदमों को सरकार वापस भी नहीं लेना चाहेगी क्योंकि अधिकांश में आजम खां भी आरोपी हैं।

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