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Rampur News: मंदिर तोड़ने और कब्जे की कोशिश का आरोप, मोहल्लेवासियों में रोष

Fri, 02 Oct 2026 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Fri, 02 Oct 2026 01:59 AM IST
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Allegations of attempted demolition and occupation of the temple, anger among the residents of the locality
मिलक। नगर के वार्ड नंबर एक मोहल्ला नसीराबाद स्थित प्राचीन शिव मंदिर को कुछ लोगों द्वारा तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए मोहल्लेवासियों ने एसडीएम से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने मंदिर की जगह पर अवैध कब्जे की आशंका जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर मोहल्लेवासियों में नाराजगी है।
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मोहल्ला नसीराबाद निवासी सुरेश चंद्र गंगवार, तेजपाल सिंह, शंकर लाल शर्मा, वीरेंद्र, दिनेश शर्मा और शिवम गुप्ता सहित अन्य लोगों ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मोहल्ले में प्राचीन शिव मंदिर स्थित है। मंदिर से नगर के लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है।
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आरोप लगाया कि मोहल्ले के कुछ लोगों ने मंदिर को तोड़ दिया है और अपना निजी ट्रस्ट बनाकर मंदिर की जगह पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने प्रार्थना पत्र में कुछ नामजद समेत अन्य लोगों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि ट्रस्ट के नाम पर धन उगाही किए जाने की भी कोशिश की जा सकती है।
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एसडीएम संत वीर ने बताया कि कुछ लोगों ने ट्रस्ट का हवाला देते हुए मंदिर के जीर्णोद्धार करने की बात कही थी। इसकी जांच के लिए नगर पालिका को निर्देशित कर दिया गया था।
वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कुछ लोग मंदिर के जीर्णोद्धार करने की बात कह रहे थे। मंदिर की जर्जर हालत देखते हुए उन्हें जीर्णोद्धार करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन लोगों ने मंदिर को पूरी तरह नष्ट कर दिया, यह उनके संज्ञान में नहीं है।
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बोले लोग
मंदिर वर्षों पुराना है और इससे मोहल्ले ही नहीं, बल्कि नगर के लोगों की आस्था जुड़ी है। मंदिर के संबंध में कोई भी निर्णय स्थानीय कमेटी और श्रद्धालुओं की जानकारी में होना चाहिए। प्रशासन पूरे मामले की जांच कराए। -सुरेश चंद्र गंगवार, मिलक
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यदि मंदिर का पुनर्निर्माण जरूरी था तो मंदिर की कमेटी या ट्रस्ट के माध्यम से कराया जा सकता था। किसी बाहरी ट्रस्ट को मंदिर तोड़ने का अधिकार कैसे मिल गया, यह जांच का विषय है। -तेजपाल सिंह, मिलक
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मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसे बिना स्थानीय लोगों की सहमति के तोड़े जाने की बात सामने आने से लोगों में रोष है। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। -शंकर लाल शर्मा, मिलक
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हम चाहते हैं कि मंदिर की भूमि और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए। यदि किसी ने नियम विरुद्ध तरीके से निर्माण गिराया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -दिनेश शर्मा, मिलक

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मंदिर के नाम पर किसी तरह का विवाद या धन उगाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मंदिर की व्यवस्था और निर्माण को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए। -शिवम गुप्ता, मिलक
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