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तभी तो सब कहते हैं एक बार रामपुर आइए
ब्यूराे/अमर उजाला, रामपुर
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:26 AM IST
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रामपुर में बनने वाली नई कालोनियों में चलता निर्माण कार्य।
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चौड़ी सड़कें, चौबीस घंटे बिजली-पानी व बच्चों की पढ़ाई के लिए अच्छे स्कूल, अपेक्षाकृत बेहतर कानून-व्यवस्था, तारामंडल, पार्क और निर्माणाधीन बड़ी कृत्रिम झील जैसी खासियत लोगों को रामपुर की ओर खींच रही है। आसपास के गांवों के संपन्न लोग रामपुर शहर में अपना आशियाना बनवाना पसंद कर रहे हैं। आलम यह है कि बीते तीन-चार सालों में रामपुर में 40 नई कालोनियां आबाद हुई हैं। गांवों से पलायन और शहरीकरण पूरे भारत का ट्रेंड है। लेकिन रामपुुर में गांवों से आकर बसावट की रफ्तार काफी ज्यादा है।
fपछले पांच साल में लोगों का यह रुझान चौंकाने वाला है। शहर की सीमा से सटे करीब 24 गांवों के ही लोग नहीं बल्कि जनपद के दूर-दराज इलाकों से लोग रामपुर में आकर बसने शुरू हो गए हैं। नगर पालिका सीमा क्षेत्र में भवनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं, नई कालोनियां विकसित की जा रही हैं। शाहबाद रोड से लेकर स्वार रोड तक और बिलासपुर व नेशनल हाईवे जैसे क्षेत्र में नई कालोनियां विकसित हो रही हैं। एक दर्जन से ज्यादा कालोनियां विकसित हैं। स्वार रोड पर खाली पड़ी जमीनों की जोरदार तरीके से प्लाटिंग कराई जा रही है।
प्लाटिंग का काम रामपुर स्वार रोड के साथ ही यूनिवर्सिटी रोड पर भी तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही मंसूरपुर बाईपास के आसपास भी नई कालोनियां विकसित हो रही हैं। यह विकसित कालोनियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि लोगों का आकर्षण शहरी क्षेत्र के लिए काफी बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों की ही बात की जाए तो पूरे जिले में 2014-15 में 5204 बैनामे व रजिस्ट्री कराए गए,जिसमें शहरी क्षेत्र के भीतर ही 2871 बैनामे हुए। इससे सरकारी खजाने में 10.88 करोड़ की आय रजिस्ट्री विभाग को ही हुई।
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यही स्थिति 2015-2016 में रही। इस दौरान अब तक कुल 5742 आवासों के बैनामे कराए गए,जिसमें अकेले शहरी क्षेत्र में 3467 ने बैनामा कराया। इससे साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण इलाकों के लोगों का रुझान शहर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शहरी क्षेत्र में प्लाट व मकान खरीदने का काम तेजी से चल रहा है।
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fपछले पांच साल में लोगों का यह रुझान चौंकाने वाला है। शहर की सीमा से सटे करीब 24 गांवों के ही लोग नहीं बल्कि जनपद के दूर-दराज इलाकों से लोग रामपुर में आकर बसने शुरू हो गए हैं। नगर पालिका सीमा क्षेत्र में भवनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं, नई कालोनियां विकसित की जा रही हैं। शाहबाद रोड से लेकर स्वार रोड तक और बिलासपुर व नेशनल हाईवे जैसे क्षेत्र में नई कालोनियां विकसित हो रही हैं। एक दर्जन से ज्यादा कालोनियां विकसित हैं। स्वार रोड पर खाली पड़ी जमीनों की जोरदार तरीके से प्लाटिंग कराई जा रही है।
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प्लाटिंग का काम रामपुर स्वार रोड के साथ ही यूनिवर्सिटी रोड पर भी तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही मंसूरपुर बाईपास के आसपास भी नई कालोनियां विकसित हो रही हैं। यह विकसित कालोनियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि लोगों का आकर्षण शहरी क्षेत्र के लिए काफी बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों की ही बात की जाए तो पूरे जिले में 2014-15 में 5204 बैनामे व रजिस्ट्री कराए गए,जिसमें शहरी क्षेत्र के भीतर ही 2871 बैनामे हुए। इससे सरकारी खजाने में 10.88 करोड़ की आय रजिस्ट्री विभाग को ही हुई।
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यही स्थिति 2015-2016 में रही। इस दौरान अब तक कुल 5742 आवासों के बैनामे कराए गए,जिसमें अकेले शहरी क्षेत्र में 3467 ने बैनामा कराया। इससे साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण इलाकों के लोगों का रुझान शहर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शहरी क्षेत्र में प्लाट व मकान खरीदने का काम तेजी से चल रहा है।