{"_id":"616f2261080fbc09cb185b6d","slug":"administration-alert-regarding-flood-in-the-district-active-of-35-flood-posts-rampur-news-mbd40674297","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 35 बाढ़ चौकियां की सक्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 35 बाढ़ चौकियां की सक्रिय
विज्ञापन
रामपुर। दढ़ियाल में कोसी नदी का निरीक्षण करते डीएम रविंद्र कुमार मांदड़। संवाद
- फोटो : RAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। उत्तराखंड स्थित रामनगर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण कोसी नदी के जल क्षेत्र में बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करके सतर्कता संबंधी जरूरी निर्देश दिए। बाढ़ के दृष्टिगत पूरे जिले में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में 35 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन बाढ़ चौकियों पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल, पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कराने के साथ-साथ बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों को त्वरित रिस्पांस और जरूरी मदद प्रदान करने के संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि सभी अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते रहें और किसी भी प्रकार की बाढ़ के कारण उत्पन्न समस्या के प्रति पूरी गंभीरता बरतते हुए तत्काल सहायता एवं सुरक्षा मुहैया कराएं। उन्होंने जनपद में नावों की उपलब्धता, दवाइयों की आपूर्ति, पशुओं के लिए चारा, आमजन के लिए राशन व्यवस्था सहित बाढ़ के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में शासन द्वारा निर्धारित मानकों का ध्यान रखते हुए जरूरी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
जनपद स्तर पर बाढ़ के दौरान राहत के दृष्टिगत कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है तथा समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डिप्टी कलेक्टर की सिफ्टवार तैनाती की गई है। तहसीलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय बना दिए गए हैं, जिन की लगातार मॉनिटरिंग कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित गांव में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए।
विज्ञापन
जनपद में संचालित गौशालाओं में भी क्षमता का आंकलन करा लें, ताकि अत्यधिक बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव के मवेशियों को जरूरत पड़ने पर गौशालाओं में संरक्षित कराया जा सके। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कमजोर पोल और ढीले तारों की वजह से किसी भी प्रकार की घटना घटित न होने पाए इसके लिए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष रुप से कर्मचारियों को भेजकर स्थलीय निरीक्षण करा लें तथा कमियों को दुरुस्त कराना सुनिश्चित करें, ताकि पोल गिरने या तार टूटने के कारण किसी भी प्रकार की घटना घटित न होने पाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों को पूरी गंभीरता के साथ सक्रिय बने रहने के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के नजरिए से महत्वपूर्ण दवाओं एवं अन्य सुरक्षात्मक चिकित्सीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने में बेहद संवेदनशीलता के साथ कर्मचारी कार्य करें। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ आपदा के दौरान सभी अधिकारी आमजन की सुरक्षा और सहायता में बेहद संवेदनशीलता बरतें तथा त्वरित रूप से सहायता मुहैया कराने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मनीष मीणा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संसार सिंह और अधिशासी अभियंता नहर खंड सियाराम सहित समस्त उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि सभी अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते रहें और किसी भी प्रकार की बाढ़ के कारण उत्पन्न समस्या के प्रति पूरी गंभीरता बरतते हुए तत्काल सहायता एवं सुरक्षा मुहैया कराएं। उन्होंने जनपद में नावों की उपलब्धता, दवाइयों की आपूर्ति, पशुओं के लिए चारा, आमजन के लिए राशन व्यवस्था सहित बाढ़ के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में शासन द्वारा निर्धारित मानकों का ध्यान रखते हुए जरूरी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
विज्ञापन
जनपद स्तर पर बाढ़ के दौरान राहत के दृष्टिगत कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है तथा समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डिप्टी कलेक्टर की सिफ्टवार तैनाती की गई है। तहसीलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय बना दिए गए हैं, जिन की लगातार मॉनिटरिंग कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित गांव में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए।
विज्ञापन
जनपद में संचालित गौशालाओं में भी क्षमता का आंकलन करा लें, ताकि अत्यधिक बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव के मवेशियों को जरूरत पड़ने पर गौशालाओं में संरक्षित कराया जा सके। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कमजोर पोल और ढीले तारों की वजह से किसी भी प्रकार की घटना घटित न होने पाए इसके लिए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष रुप से कर्मचारियों को भेजकर स्थलीय निरीक्षण करा लें तथा कमियों को दुरुस्त कराना सुनिश्चित करें, ताकि पोल गिरने या तार टूटने के कारण किसी भी प्रकार की घटना घटित न होने पाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों को पूरी गंभीरता के साथ सक्रिय बने रहने के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के नजरिए से महत्वपूर्ण दवाओं एवं अन्य सुरक्षात्मक चिकित्सीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने में बेहद संवेदनशीलता के साथ कर्मचारी कार्य करें। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ आपदा के दौरान सभी अधिकारी आमजन की सुरक्षा और सहायता में बेहद संवेदनशीलता बरतें तथा त्वरित रूप से सहायता मुहैया कराने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मनीष मीणा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संसार सिंह और अधिशासी अभियंता नहर खंड सियाराम सहित समस्त उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।