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Rampur News: जमानत मंजूर होने के बाद भी जेल में रहेंगे अब्दुल्ला आजम
Sun, 18 Aug 2024 10:49 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 18 Aug 2024 10:49 PM IST
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रामपुर। सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को एमपी- एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है। 16 अगस्त को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा दी दलीलों के बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया। हालांकि जमानत के बाद वो अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। जेल से निकलने के लिए उनकी राह में अभी कानूनी अड़चने बाकी हैं।
16 अगस्त को एमपी - एमएलए कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को नदी की जमीन खरीद - फरोख्त मामले में जमानत दे दी है। लेकिन जमानत मिलने के बावजूद अब्दुल्ला आजम को जेल से बाहर आने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को नदी की जमीन की खरीद-फरोख्त कर अवैध प्लाटिंग करने के आरोप में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई। आजम पक्ष से जुड़े अधिवक्ताओं की मानें तो अभी अब्दुल्ला आजम खां को और भी मुकदमे में जमानत चाहिए। उनके खिलाफ कोतवाली में दर्ज नगर पालिका की स्वीप मशीनों की जौहर विश्वविद्यालय परिसर से बरामदगी के केस में जमानत मिलना बाकी है। इस केस में वह जमानत के लिए हाईकोर्ट जा चुके हैं और वहां जमानत अर्जी विचाराधीन है। वहां से जमानत मिलने के बाद ही वह बाहर आ सकते हैं। उधर अब्दुल्ला आजम खां के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां ने बताया कि यदि किसी अन्य मुकदमे में जमानत मिलना बाकी हो या कोई नया केस दर्ज न हो तो अब्दुल्ला जेल से बाहर आ सकते हैं।
10 महीने से हरदोई जेल में बंद हैं अब्दुल्ला आजम
अक्तूबर 2023 में दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को सात साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेजा था। बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आजम खां को सीतापुर और अब्दुल्ला आजम को हरदोई की जेल में शिफ्ट किया गया था, तब से वह हरदोई जेल में बंद हैं।
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साक्ष्यों के आधार पर मिली जमानत : जुबैर
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां ने बताया कि उन्होंने जमानत प्रार्थना पत्र के साथ साक्ष्य भी संलग्न किए, जिसमें स्पष्ट किया कि जमीन पर न तो अब्दुल्ला आजम प्लॉटिंग कर रहे हैं और न ही कोई किसी तरह का कंस्ट्रक्शन किया गया है। आसपास की जमीनों पर अस्पताल, स्कूल, मकान भी बने हुए हैं। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अब्दुल्ला आजम को जमानत दी है।
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16 अगस्त को एमपी - एमएलए कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को नदी की जमीन खरीद - फरोख्त मामले में जमानत दे दी है। लेकिन जमानत मिलने के बावजूद अब्दुल्ला आजम को जेल से बाहर आने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को नदी की जमीन की खरीद-फरोख्त कर अवैध प्लाटिंग करने के आरोप में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई। आजम पक्ष से जुड़े अधिवक्ताओं की मानें तो अभी अब्दुल्ला आजम खां को और भी मुकदमे में जमानत चाहिए। उनके खिलाफ कोतवाली में दर्ज नगर पालिका की स्वीप मशीनों की जौहर विश्वविद्यालय परिसर से बरामदगी के केस में जमानत मिलना बाकी है। इस केस में वह जमानत के लिए हाईकोर्ट जा चुके हैं और वहां जमानत अर्जी विचाराधीन है। वहां से जमानत मिलने के बाद ही वह बाहर आ सकते हैं। उधर अब्दुल्ला आजम खां के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां ने बताया कि यदि किसी अन्य मुकदमे में जमानत मिलना बाकी हो या कोई नया केस दर्ज न हो तो अब्दुल्ला जेल से बाहर आ सकते हैं।
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10 महीने से हरदोई जेल में बंद हैं अब्दुल्ला आजम
अक्तूबर 2023 में दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को सात साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेजा था। बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आजम खां को सीतापुर और अब्दुल्ला आजम को हरदोई की जेल में शिफ्ट किया गया था, तब से वह हरदोई जेल में बंद हैं।
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साक्ष्यों के आधार पर मिली जमानत : जुबैर
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां ने बताया कि उन्होंने जमानत प्रार्थना पत्र के साथ साक्ष्य भी संलग्न किए, जिसमें स्पष्ट किया कि जमीन पर न तो अब्दुल्ला आजम प्लॉटिंग कर रहे हैं और न ही कोई किसी तरह का कंस्ट्रक्शन किया गया है। आसपास की जमीनों पर अस्पताल, स्कूल, मकान भी बने हुए हैं। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अब्दुल्ला आजम को जमानत दी है।