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रामपुर में आले हसन की बोला करती थी तूती
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रामपुर में सोमवार को कोर्ट जाते पूर्व सीओ आले हसन और उनको पकड़ने के लिए पीछे से आती पुलिस। संवाद न?
- फोटो : RAMPUR
रामपुर। सांसद आजम खां के खास सिपहसलारों में गिने जाने वाले पूर्व सीओ आले हसन की कभी रामपुर में तूती बोला करती थी। उनकी गिनती आजम खां के खास सिपहसलारों में होती थी। भले ही वो सीओ सिटी के पद पर तैनात थे लेकिन दबदबा इतना था कि उनके सीनियर अधिकारी उनको साहब कहकर संबोधित किया करते थे। आले हसन आजम खां के इतने करीब थे कि सीओ सिटी के पद से सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने उनकी जौहर यूनिवर्सिटी में मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में काम करना शुरू कर दिया।
आले हसन का रामपुर से काफी पुराना ताल्लुक है। वो रामपुर के मूल निवासी तो नहीं है, लेकिन पूरे जिले में उनकी पहचान है। उनकी तैनाती यहां दरोगा से लेकर सीओ के पद पर रही है। प्रदेश में जब भी सरकार की होती थी, आले हसन की तैनाती रामपुर में होती थी। चाहे वह दरोगा हों, इंस्पेक्टर या फिर सीओ। पिछली सपा सरकार में आले हसन इंस्पेक्टर के रूप में आए थे। उनकी तैनाती सिविल लाइंस कोतवाली कोतवाल के रूप में हुई थी। इसके बाद उनको सीओ के पद पर पदोन्नति मिल गई थी और सेवानिवृत होने तक वो सीओ सिटी बने रहे। उन पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में कई लोगों पर कार्रवाई की थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आजम खां के बाद आले हसन ही सबसे अधिक विरोधियों के निशाने पर थे। सोमवार जब पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया है तो कई लोगों ने खुशी का इजहार किया है।
जिस थाने के थे कोतवाल उसी की हवालात में हुए बंद
रामपुर। सिविल लाइंस कोतवाली के रूप में आले हसन ने कई लोगों को हवालात की हवा खिलाई थी। सोमवार को पुलिस ने उसी थाने के हवालात रखा था, जिसके वो कोतवाल रह चुके हैं। उनका निवास भी कोतवाली की ऊपरी मंजिल पर था। सीओ बन जाने के बाद भी वो सिविल लाइंस कोतवाली के आवास में रहे थे।
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आले हसन का रामपुर से काफी पुराना ताल्लुक है। वो रामपुर के मूल निवासी तो नहीं है, लेकिन पूरे जिले में उनकी पहचान है। उनकी तैनाती यहां दरोगा से लेकर सीओ के पद पर रही है। प्रदेश में जब भी सरकार की होती थी, आले हसन की तैनाती रामपुर में होती थी। चाहे वह दरोगा हों, इंस्पेक्टर या फिर सीओ। पिछली सपा सरकार में आले हसन इंस्पेक्टर के रूप में आए थे। उनकी तैनाती सिविल लाइंस कोतवाली कोतवाल के रूप में हुई थी। इसके बाद उनको सीओ के पद पर पदोन्नति मिल गई थी और सेवानिवृत होने तक वो सीओ सिटी बने रहे। उन पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में कई लोगों पर कार्रवाई की थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आजम खां के बाद आले हसन ही सबसे अधिक विरोधियों के निशाने पर थे। सोमवार जब पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया है तो कई लोगों ने खुशी का इजहार किया है।
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जिस थाने के थे कोतवाल उसी की हवालात में हुए बंद
रामपुर। सिविल लाइंस कोतवाली के रूप में आले हसन ने कई लोगों को हवालात की हवा खिलाई थी। सोमवार को पुलिस ने उसी थाने के हवालात रखा था, जिसके वो कोतवाल रह चुके हैं। उनका निवास भी कोतवाली की ऊपरी मंजिल पर था। सीओ बन जाने के बाद भी वो सिविल लाइंस कोतवाली के आवास में रहे थे।
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