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Rampur News: झगड़े के दौरान डंडा लगने से नौ वर्षीय बच्चे की आंख की रोशनी गई
Fri, 11 Sep 2026 01:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:33 AM IST
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मिलक। बच्चों के विवाद को लेकर हुए झगड़े में एक नौ वर्षीय बच्चे की आंख में डंडा लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई। पिता का आरोप है कि आरोपी महिला ने उसके बेटे की आंख पर लकड़ी के डंडे से वार किया था।
कई अस्पतालों में उपचार के बाद चिकित्सकों ने आंख पूरी तरह खराब होने की बात कही। मामले में पुलिस ने पिता की तहरीर पर दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रौरा कलां निवासी अतीक अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 जुलाई की शाम करीब सात बजे वह अपने घर के दरवाजे पर था। इसी दौरान गांव निवासी रियासत और उसकी पत्नी आसमा वहां पहुंचीं और गाली-गलौज करने लगीं। विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
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शोर सुनकर उसका नौ वर्षीय बेटा नबाजिस भी घर से बाहर आ गया। आरोप है कि इसी दौरान आसमा ने हाथ में लिए लकड़ी के डंडे से नबाजिस की आंख पर वार कर दिया। चोट लगने से बच्चे की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे क्योरार स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने आंख की गंभीर स्थिति देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्चे को बरेली के एक अस्पताल ले गए। वहां से भी उसे हल्द्वानी के एक अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की आंख की गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स नई दिल्ली स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र ले जाने की सलाह दी।
अतीक के मुताबिक, एम्स में चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की आंख पूरी तरह खराब हो चुकी है और उसे बचाना संभव नहीं है। इसके बाद वह दोबारा हल्द्वानी स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने खराब आंख के स्थान पर कृत्रिम आंख लगाने की सलाह दी।
पीड़ित पिता ने पुलिस से आरोपी रियासत और आसमा पत्नी रियासत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ पीपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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कई अस्पतालों में उपचार के बाद चिकित्सकों ने आंख पूरी तरह खराब होने की बात कही। मामले में पुलिस ने पिता की तहरीर पर दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रौरा कलां निवासी अतीक अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 जुलाई की शाम करीब सात बजे वह अपने घर के दरवाजे पर था। इसी दौरान गांव निवासी रियासत और उसकी पत्नी आसमा वहां पहुंचीं और गाली-गलौज करने लगीं। विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
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शोर सुनकर उसका नौ वर्षीय बेटा नबाजिस भी घर से बाहर आ गया। आरोप है कि इसी दौरान आसमा ने हाथ में लिए लकड़ी के डंडे से नबाजिस की आंख पर वार कर दिया। चोट लगने से बच्चे की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे क्योरार स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने आंख की गंभीर स्थिति देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्चे को बरेली के एक अस्पताल ले गए। वहां से भी उसे हल्द्वानी के एक अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की आंख की गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स नई दिल्ली स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र ले जाने की सलाह दी।
अतीक के मुताबिक, एम्स में चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की आंख पूरी तरह खराब हो चुकी है और उसे बचाना संभव नहीं है। इसके बाद वह दोबारा हल्द्वानी स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने खराब आंख के स्थान पर कृत्रिम आंख लगाने की सलाह दी।
पीड़ित पिता ने पुलिस से आरोपी रियासत और आसमा पत्नी रियासत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ पीपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।