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Rampur News: घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा, सूर्य को दिया अर्घ्य
Sat, 09 Nov 2024 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 09 Nov 2024 02:29 AM IST
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रामपुर। छठ पर्व के चौथे दिन तालाबों में आस्था का सैलाब उमड़ा। सरोवरों व पूजा स्थलों पर शुक्रवार तड़के चार बजे से ही व्रती महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हाथों में प्रसाद का सूप थामें व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर सूर्यदेव के उगने की प्रतीक्षा की। जैसे ही सूर्य की पहली किरण फूटी, भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर संतान के सुख-समृद्धि की कामना की।
पुत्रों व अन्य परिजनों को प्रसाद देकर 36 घंटे की कठिन व्रत का समापन किया। इस दौरान छठ घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। लाउडस्पीकर पर बजते छठी मैया के गीत वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। वहीं आकर्षण सजावट भी की गई थी। छठ पूजा के आखिरी दिन उगते सूर्य की उपासना करने का विधान है। इसके लिए शहर में शुक्रवार सुबह से ही छठ पूजा के घाटों पर व्रती महिलाएं एकत्र हुईं। एक मेले जैसे माहौल हो गया। महिलाओं ने सूप लेकर उसमें जरूरी चीजें रखीं और इसके बाद मंदिर में बने कुंड में पूजन किया। महिलाएं जल में उतरीं और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सूप को लेकर चारों तरफ परिक्रमा की और सभी दिशाओं में भगवान को नमन किया। परिवार के साथ छठ माता का पूजन किया। ज्वालानगर में कृष्णा मंदिर के अलावा रजा टैक्सटाइल मैदान, राम मनोहर लोहिया पार्क ज्वालानगर, कचहरी परिसर व सीआरपीएफ में भी इसी तरह का नजारा दिखाई दिया। इस बीच छठ माता के गीत गुनगुनाए गए। लाउडस्पीकर पर छठ मैया की आरती पाठ को सुनाया गया और इससे संबंधित कई धार्मिक गीतों का सिलसिला रहा। सुबह तक गीत-संगीत के बीच पूजन-अर्चन होता रहा। पूजन के बाद उपवास भी खोला गया। इसके साथ ही छठ महापर्व संपन्न हो गया। इस अवसर पर छठ पूजा घाटों पर युवाओं ने आतिशबाजी भी की।
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पुत्रों व अन्य परिजनों को प्रसाद देकर 36 घंटे की कठिन व्रत का समापन किया। इस दौरान छठ घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। लाउडस्पीकर पर बजते छठी मैया के गीत वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। वहीं आकर्षण सजावट भी की गई थी। छठ पूजा के आखिरी दिन उगते सूर्य की उपासना करने का विधान है। इसके लिए शहर में शुक्रवार सुबह से ही छठ पूजा के घाटों पर व्रती महिलाएं एकत्र हुईं। एक मेले जैसे माहौल हो गया। महिलाओं ने सूप लेकर उसमें जरूरी चीजें रखीं और इसके बाद मंदिर में बने कुंड में पूजन किया। महिलाएं जल में उतरीं और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सूप को लेकर चारों तरफ परिक्रमा की और सभी दिशाओं में भगवान को नमन किया। परिवार के साथ छठ माता का पूजन किया। ज्वालानगर में कृष्णा मंदिर के अलावा रजा टैक्सटाइल मैदान, राम मनोहर लोहिया पार्क ज्वालानगर, कचहरी परिसर व सीआरपीएफ में भी इसी तरह का नजारा दिखाई दिया। इस बीच छठ माता के गीत गुनगुनाए गए। लाउडस्पीकर पर छठ मैया की आरती पाठ को सुनाया गया और इससे संबंधित कई धार्मिक गीतों का सिलसिला रहा। सुबह तक गीत-संगीत के बीच पूजन-अर्चन होता रहा। पूजन के बाद उपवास भी खोला गया। इसके साथ ही छठ महापर्व संपन्न हो गया। इस अवसर पर छठ पूजा घाटों पर युवाओं ने आतिशबाजी भी की।
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