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रजा लाइब्रेरी में लगी कुरान-पाक की नुमाइश
Rampur
Updated Sun, 27 Jul 2014 05:31 AM IST
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रामपुर। रमजानुल मुबारक के मौके पर इस बार भी रजा लाइब्रेरी में कुरान मजीद की दुर्लभ पांडुलिपियों की नुमाइश लगाई गई। नुमाइश में हजरत अली के हाथों लिखा कुरान भी शामिल है। कुरान की पांडुलिपियों की लिस्ट भी प्रकाशित की गई है।
लाइब्रेरी के दरबार हाल में नुमाइश का आगाज डा. शायर उल्लाह खां वजीही ने किया। उन्होंने कहा कि कुरान मजीद की दुर्लभ पांडुलिपियों की यह नुमाइश रमजान के पाक महीने का कीमती तोहफा है। नुमाइश दिल को सुकून और रूह को रोशनी देगी। कुरान की जो लिस्ट प्रकाशित की गई है वह भी तारीफ के काबिल है। लाइब्रेरी के निदेशक प्रोफेसर एसएम अजीजुद्दीन हुसैन ने कहा कि कुरान की पांडुलिपियों और दुर्लभ प्रतिलिपियों की नुमाइश हर साल लगाई जाती है। चूंकि रमजान के मुकद्दस महीने में कुरान नाजिल हुआ था। इसलिए खास तौर पर नुमाइश लगाई जाती है।
नुमाइश से स्कालर और स्टूडेंट को भी काफी फायदा मिलेगा। कार्यक्रम समन्वयक इस्बाह खान ने कहा कि नुमाइश में कूफी लिपि में सातवीं सदी में हजरत अली और 8वीं सदी में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफर बिन मोहम्मद बिन अली केहाथों लिखा कुरान भी रखा गया है। समन्वयक फैसल खां ने बताया कि इस साल कुरान की पांडुलिपियों की लिस्ट भी प्रकाशित की गई है। उन्होंने बताया कि नुमाइश दो अगस्त तक जारी रहेगी। इस मौके पर डा. मेहंदी हसन, प्रोफेसर शरीफ कुरैशी, डा. अनवारुल हसन, डा. जहीर अली सिद्दीकी, प्रोफेसर किश्वर सुल्तान, मुहीउद्दीन खान, अतीक जिलानी, लईक खां, मुजतबा आब्दी भी मौजूद थे।
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लाइब्रेरी के दरबार हाल में नुमाइश का आगाज डा. शायर उल्लाह खां वजीही ने किया। उन्होंने कहा कि कुरान मजीद की दुर्लभ पांडुलिपियों की यह नुमाइश रमजान के पाक महीने का कीमती तोहफा है। नुमाइश दिल को सुकून और रूह को रोशनी देगी। कुरान की जो लिस्ट प्रकाशित की गई है वह भी तारीफ के काबिल है। लाइब्रेरी के निदेशक प्रोफेसर एसएम अजीजुद्दीन हुसैन ने कहा कि कुरान की पांडुलिपियों और दुर्लभ प्रतिलिपियों की नुमाइश हर साल लगाई जाती है। चूंकि रमजान के मुकद्दस महीने में कुरान नाजिल हुआ था। इसलिए खास तौर पर नुमाइश लगाई जाती है।
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नुमाइश से स्कालर और स्टूडेंट को भी काफी फायदा मिलेगा। कार्यक्रम समन्वयक इस्बाह खान ने कहा कि नुमाइश में कूफी लिपि में सातवीं सदी में हजरत अली और 8वीं सदी में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफर बिन मोहम्मद बिन अली केहाथों लिखा कुरान भी रखा गया है। समन्वयक फैसल खां ने बताया कि इस साल कुरान की पांडुलिपियों की लिस्ट भी प्रकाशित की गई है। उन्होंने बताया कि नुमाइश दो अगस्त तक जारी रहेगी। इस मौके पर डा. मेहंदी हसन, प्रोफेसर शरीफ कुरैशी, डा. अनवारुल हसन, डा. जहीर अली सिद्दीकी, प्रोफेसर किश्वर सुल्तान, मुहीउद्दीन खान, अतीक जिलानी, लईक खां, मुजतबा आब्दी भी मौजूद थे।
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