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अफसरों के रवैये से भड़के अकीदतमंद
Rampur
Updated Fri, 24 Jan 2014 05:52 AM IST
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रामपुर। हजरत हाफिज साहब की दरगाह में पहुंचे अफसरों के रवैये से अकीदतमंद भड़क गए। उन्होंने दरगाह की बेहुरमती का आरोप लगाते हुए शहर में जुलूस निकाला। कलक्ट्रेट के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौैरान पुलिस कर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को दरगाह के दस्तावेज भी सौंपे।
एसडीएम सदर, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और सीओ सिटी बुधवार को हजरत हाफिज साहब की दरगाह पर गए थे। उस वक्त सज्जादानशीन फरहत अहमद जमाली मौजूद नहीं थे। वह रात में आए तो उन्हें अधिकारियों के आने की खबर मिली। कुछ समय बाद काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली रजवी और हाफिज साहब के अकीदतमंद भी आस्ताना-ए-आलिया जमालिया में जमा हो गए। अकीदतमंदों ने यह कहकर गुस्सा जताया कि अधिकारियों ने दरगाह की बेहुरमती की है। उस वक्त तो अकीदतमंद वापस चले गए। लेकिन, गुरुवार को आस्ताना-आलिया जामिया में मीटिंग बुलाई। काजी-ए- शरआ और सज्जादानशीन की मौजूदगी में काफी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे। ऐलान किया कि जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसका विरोध करेंगे। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को दरगाह के दस्तावेज सौंपे जाएंगे। इसके बाद शहर काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली रजवी की अगुवाई में उलमा, अकीदतमंद और सज्जादगान जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। क लेक्ट्रेट में दाखिल होने को लेकर पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। इतने में सिटी मजिस्ट्रेट रमाशंकर गुप्ता व सीओ सिटी आले हसन ने अकीदतमंदों को समझाने की कोशिश की वह नहीं माने। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट काजी-ए- शरआ और सज्जादानशीन को लेकर अपने आफिस पहुंचे और वार्ता की। सज्जादानशीन ने सिटी मजिस्ट्रेट को दरगाह के दस्तावेज सौंपे। उसके बाद अकीदतमंद वापस चले गए।
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एसडीएम सदर, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और सीओ सिटी बुधवार को हजरत हाफिज साहब की दरगाह पर गए थे। उस वक्त सज्जादानशीन फरहत अहमद जमाली मौजूद नहीं थे। वह रात में आए तो उन्हें अधिकारियों के आने की खबर मिली। कुछ समय बाद काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली रजवी और हाफिज साहब के अकीदतमंद भी आस्ताना-ए-आलिया जमालिया में जमा हो गए। अकीदतमंदों ने यह कहकर गुस्सा जताया कि अधिकारियों ने दरगाह की बेहुरमती की है। उस वक्त तो अकीदतमंद वापस चले गए। लेकिन, गुरुवार को आस्ताना-आलिया जामिया में मीटिंग बुलाई। काजी-ए- शरआ और सज्जादानशीन की मौजूदगी में काफी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे। ऐलान किया कि जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसका विरोध करेंगे। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को दरगाह के दस्तावेज सौंपे जाएंगे। इसके बाद शहर काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली रजवी की अगुवाई में उलमा, अकीदतमंद और सज्जादगान जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। क लेक्ट्रेट में दाखिल होने को लेकर पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। इतने में सिटी मजिस्ट्रेट रमाशंकर गुप्ता व सीओ सिटी आले हसन ने अकीदतमंदों को समझाने की कोशिश की वह नहीं माने। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट काजी-ए- शरआ और सज्जादानशीन को लेकर अपने आफिस पहुंचे और वार्ता की। सज्जादानशीन ने सिटी मजिस्ट्रेट को दरगाह के दस्तावेज सौंपे। उसके बाद अकीदतमंद वापस चले गए।
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