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चंद्र दर्शन के बाद सुहागिनों ने किया जल ग्रहण
Rampur
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:43 AM IST
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रामपुर। आकाश में चंद्रदेव के उदय होते ही सुबह से निर्जल और निराहार व्रत रखकर सोलह श्रृंगार कर सुहागिनों ने अर्घ्य देकर पति के लिए अमृत्व का वर मांगते हुए अपने अखंड सौभाग्य की कामना की। पति के मुख का दर्शन कर उनके हाथ से जल पीकर सुहागिनों ने व्रत खोला और भोजन ग्रहण किया।
पति के लिए अमृत्व का वर मांगने और अपने लिए अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए सुहागिनों ने मंगलवार को करवाचौथ का व्रत रखा। भोर की पहली किरण के साथ ही प्रात: कालीन संध्या पूजन करने केसाथ ही सुहागिनों ने निर्जल और निराहार रहने का व्रत रखा। शाम को सोलह श्रृंगार कर सुहागिनों ने करवे में जल भरकर भगवान श्री गणेश का पूजन किया और करवाचौथ की कथा सुनी या सुनाई। भगवान श्रीगणेश को पुए का भोग लगाया। रात में सवा आठ बजे करीब आकाश में चंद्रोदय होते ही सुहागनों ने अमृत रश्मि निर्गत करने वाले चंद्र देव को करवे से अर्घ्य देकर पति के अमृत और अपने लिए अंखड सौभाग्य की कामना की। चंद्रदर्शन पश्चात पति का दर्शन कर उनका पूजन किया। पति के हाथों जल ग्रहण किया।
शिवालयों में उमड़ी सुहागिनों की भीड़
रामपुर। मंगलवार केदिन करवाचौथ व्रत पड़ने की वजह से कुछ ज्योतिषाचार्यों ने यह पर्व भारी बताया था। ज्योतिषाचार्यों के परामर्श पर सुहागिनों ने सुबह के समय शिवालयों में जाकर शिव-पार्वती का पूजन कर उनकेसमक्ष धृतदीप प्रज्जवलित किया और आंवला फल अर्पित किया। साथ ही कांच की हरी चूड़ियां भी पहनीं। शहर के कई शिवालयों में सुबह के समय सुहागिनें शिव-पार्वती का विशेष पूजन करती नजर आईं।
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मंगेतर के लिए युवतियों ने भी रखा व्रत
रामपुर। शहर में कुछ युवतियां, जिनका विवाह शीघ्र ही होने वाला है, ने अपने मंगेतर की दीर्घायु के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। विधि-विधान से पूजन कर व चंद्रदर्शन किया। चंद्रदर्शन के बाद ही इन युवतियों ने व्रत खोला।
बच्चे निहारते रहे आकाश
रामपुर। रात आठ बजते ही बच्चे अपने-अपने घर की छतों पर पहुंच गए। चंद्र के उदय होने का इंतजार करते हुए चंद्रोदय वाले स्थान की ओर आकाश निहारते रहे। जैसे ही चंद्रोदय हुआ बच्चों ने शोर मचाकर अपनी मां, चाची, ताई, बुआ को इसकी जानकारी दी।
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पति के लिए अमृत्व का वर मांगने और अपने लिए अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए सुहागिनों ने मंगलवार को करवाचौथ का व्रत रखा। भोर की पहली किरण के साथ ही प्रात: कालीन संध्या पूजन करने केसाथ ही सुहागिनों ने निर्जल और निराहार रहने का व्रत रखा। शाम को सोलह श्रृंगार कर सुहागिनों ने करवे में जल भरकर भगवान श्री गणेश का पूजन किया और करवाचौथ की कथा सुनी या सुनाई। भगवान श्रीगणेश को पुए का भोग लगाया। रात में सवा आठ बजे करीब आकाश में चंद्रोदय होते ही सुहागनों ने अमृत रश्मि निर्गत करने वाले चंद्र देव को करवे से अर्घ्य देकर पति के अमृत और अपने लिए अंखड सौभाग्य की कामना की। चंद्रदर्शन पश्चात पति का दर्शन कर उनका पूजन किया। पति के हाथों जल ग्रहण किया।
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शिवालयों में उमड़ी सुहागिनों की भीड़
रामपुर। मंगलवार केदिन करवाचौथ व्रत पड़ने की वजह से कुछ ज्योतिषाचार्यों ने यह पर्व भारी बताया था। ज्योतिषाचार्यों के परामर्श पर सुहागिनों ने सुबह के समय शिवालयों में जाकर शिव-पार्वती का पूजन कर उनकेसमक्ष धृतदीप प्रज्जवलित किया और आंवला फल अर्पित किया। साथ ही कांच की हरी चूड़ियां भी पहनीं। शहर के कई शिवालयों में सुबह के समय सुहागिनें शिव-पार्वती का विशेष पूजन करती नजर आईं।
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मंगेतर के लिए युवतियों ने भी रखा व्रत
रामपुर। शहर में कुछ युवतियां, जिनका विवाह शीघ्र ही होने वाला है, ने अपने मंगेतर की दीर्घायु के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। विधि-विधान से पूजन कर व चंद्रदर्शन किया। चंद्रदर्शन के बाद ही इन युवतियों ने व्रत खोला।
बच्चे निहारते रहे आकाश
रामपुर। रात आठ बजते ही बच्चे अपने-अपने घर की छतों पर पहुंच गए। चंद्र के उदय होने का इंतजार करते हुए चंद्रोदय वाले स्थान की ओर आकाश निहारते रहे। जैसे ही चंद्रोदय हुआ बच्चों ने शोर मचाकर अपनी मां, चाची, ताई, बुआ को इसकी जानकारी दी।