{"_id":"47-25081","slug":"Rampur-25081-47","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद पर की गई अधूरी तकरीर को लेकर बढ़ी बेचैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद पर की गई अधूरी तकरीर को लेकर बढ़ी बेचैनी
Rampur
Updated Fri, 18 Oct 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टांडा। शहर इमाम मुफ्ती मौलाना महमूद के बकरीद की नमाज के अवसर पर कुर्बानी को लेकर की अधूरी तकरीर से बुधवार से लोगों में बेचैनी है। मुफ्ती हजरात के फतवे में खुलासा करने के बाद लोग शांत हो सके।
शहर इमाम ने बुधवार को ईद की नमाज से अदा कराने से पहले कुर्बानी के मसाइल से रूबरू कराया। इसी दौरान मौलाना ने दाढ़ी बनाने का काम करने वाले की आमदनी को हराम करार देते हुए उसकी रकम से पशु में लिये गये हिस्से के कारण पूरे पशु की ही कु र्बानी ही नहीं होने क ो कहा। मौलाना के बयान के बाद हेयर कटिंग का काम करने वाले लोगों सहित अधिकतर नगर वासियों में अधूरे बयान के कारण बेचैनी हो गई। वहीं मोहल्ला टंडोला के शकील सलमानी के कुर्बानी के पशु में लिये हिस्से की रकम भी बाकी लोगों ने लौटा देने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसी तरह के कई वाकयों के बाद नगर के मोहल्ला टंडोला के अब्दुल हमीद सलमानी और हाफिज जाकिर सलमानी ने मदरसा रोजातुल उलूम के मुफ्ती सईदुज्जफर से इस सिलसिले में फतवा मांगते हुए रास्ता बताने की मांग की। मुफ्ती मौलाना सईदुज्जफर, मदरसे के शेखुल हदीस मौलाना जमील अहमद और मदरसा जामिया रहमानिया के मुफ्ती मौलाना अशरफ अली के हस्ताक्षर से फतवा जारी कर दिया गया। फतवे में दाढ़ी रखने को वाजिब बताते हुए तराशने और दाढ़ी (शेव) बनाने और उसकी आमदनी को हराम बताया है, अलबत्ता बताया कि जो लोग दाढ़ी बनाने के काम के साथ नाबालिग बच्चों, बच्चियों और बालिग मर्दों के बाल भी काटते हैं, जिनकी तादाद भी ज्यादा है, की आमदनी हलाल है। हज्जाम (बारबर) की हराम और हलाल आमदनी मिलने के कारण कुरबानी में शिरकत करना दुरूस्त(जाइज) है। कुरबानी के पशु में शिरकत करने वालों की कुरबानी भी दुरुस्त है। फतवे में कुरबानी का खुलासा होने के बाद लोग शांत हो सके। इधर तकरीर में अधूरे मसाइल बताने के कारण उपजे विवाद को लेकर देर शाम तंजीम ए उलमा की बैठक में विचार होने की भी जानकारी मिली है।
विज्ञापन
शहर इमाम ने बुधवार को ईद की नमाज से अदा कराने से पहले कुर्बानी के मसाइल से रूबरू कराया। इसी दौरान मौलाना ने दाढ़ी बनाने का काम करने वाले की आमदनी को हराम करार देते हुए उसकी रकम से पशु में लिये गये हिस्से के कारण पूरे पशु की ही कु र्बानी ही नहीं होने क ो कहा। मौलाना के बयान के बाद हेयर कटिंग का काम करने वाले लोगों सहित अधिकतर नगर वासियों में अधूरे बयान के कारण बेचैनी हो गई। वहीं मोहल्ला टंडोला के शकील सलमानी के कुर्बानी के पशु में लिये हिस्से की रकम भी बाकी लोगों ने लौटा देने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसी तरह के कई वाकयों के बाद नगर के मोहल्ला टंडोला के अब्दुल हमीद सलमानी और हाफिज जाकिर सलमानी ने मदरसा रोजातुल उलूम के मुफ्ती सईदुज्जफर से इस सिलसिले में फतवा मांगते हुए रास्ता बताने की मांग की। मुफ्ती मौलाना सईदुज्जफर, मदरसे के शेखुल हदीस मौलाना जमील अहमद और मदरसा जामिया रहमानिया के मुफ्ती मौलाना अशरफ अली के हस्ताक्षर से फतवा जारी कर दिया गया। फतवे में दाढ़ी रखने को वाजिब बताते हुए तराशने और दाढ़ी (शेव) बनाने और उसकी आमदनी को हराम बताया है, अलबत्ता बताया कि जो लोग दाढ़ी बनाने के काम के साथ नाबालिग बच्चों, बच्चियों और बालिग मर्दों के बाल भी काटते हैं, जिनकी तादाद भी ज्यादा है, की आमदनी हलाल है। हज्जाम (बारबर) की हराम और हलाल आमदनी मिलने के कारण कुरबानी में शिरकत करना दुरूस्त(जाइज) है। कुरबानी के पशु में शिरकत करने वालों की कुरबानी भी दुरुस्त है। फतवे में कुरबानी का खुलासा होने के बाद लोग शांत हो सके। इधर तकरीर में अधूरे मसाइल बताने के कारण उपजे विवाद को लेकर देर शाम तंजीम ए उलमा की बैठक में विचार होने की भी जानकारी मिली है।
विज्ञापन