{"_id":"47-23306","slug":"Rampur-23306-47","type":"story","status":"publish","title_hn":"2349 अवैध धार्मिक स्थानों पर सरकार की निगाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2349 अवैध धार्मिक स्थानों पर सरकार की निगाह
Rampur
Updated Mon, 12 Aug 2013 05:36 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जिले में अवैध घोषित कि ए जा चुके 2349 धार्मिक स्थलों पर अब एक बार फिर प्रदेश सरकार की निगाह टिक गई है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब इन धार्मिक स्थलों को हटवाने की कवायद शुरू की है, साथ ही इसको लेकर जिले के अफसरों से रिपोर्ट तलब की गई है।
आस्था के नाम पर मनमर्जी स्थान पर धार्मिक स्थलों का निर्माण करा दिया जाता है। इससे कई दफा सांप्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ता है। प्रदेश में भी कई बार धार्मिक स्थलों को लेकर बवाल हो चुका है। लगातार बढ़ते विवादों को देखते हुए कुछ साल पहले हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थल बनाए जाने को लेकर बाकायदा गाइड लाइन तैयार की थी, जिसके बाद सरकार हरकत में आई थी। वर्ष 2008 में बसपा सरकार को आदेश जारी किया गया था कि सरकार सर्वे करके यह बताए कि कहां कितने धार्मिक स्थल अवैध तरीके से बनाए गए हैं। सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देश पर उस वक्त सर्वे कराया और फिर जो आंकड़े सामने आए वह चौंकाने वाले ही थे। हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण ढहाने को कहा था, लेकिन इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अवैध रूप से निर्मित धार्मिक स्थलों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया है। इससे सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार को जवाब दाखिल करना है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आई सरकार ने पूर्व में कराए गए सर्वे को लेकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि अभी तक अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों को हटाए जाने की क्या कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
आस्था के नाम पर मनमर्जी स्थान पर धार्मिक स्थलों का निर्माण करा दिया जाता है। इससे कई दफा सांप्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ता है। प्रदेश में भी कई बार धार्मिक स्थलों को लेकर बवाल हो चुका है। लगातार बढ़ते विवादों को देखते हुए कुछ साल पहले हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थल बनाए जाने को लेकर बाकायदा गाइड लाइन तैयार की थी, जिसके बाद सरकार हरकत में आई थी। वर्ष 2008 में बसपा सरकार को आदेश जारी किया गया था कि सरकार सर्वे करके यह बताए कि कहां कितने धार्मिक स्थल अवैध तरीके से बनाए गए हैं। सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देश पर उस वक्त सर्वे कराया और फिर जो आंकड़े सामने आए वह चौंकाने वाले ही थे। हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण ढहाने को कहा था, लेकिन इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अवैध रूप से निर्मित धार्मिक स्थलों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया है। इससे सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार को जवाब दाखिल करना है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आई सरकार ने पूर्व में कराए गए सर्वे को लेकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि अभी तक अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों को हटाए जाने की क्या कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन