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सऊदी हुकूमत से बात करे केंद्र सरकार
Rampur
Updated Sun, 16 Jun 2013 05:30 AM IST
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रामपुर। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण व हज मंत्री आजम खां ने सऊदी हुकूमत द्वारा हज यात्रियों का कोटा 20 फीसदी कम किए जाने के सवाल पर कहा है कि केंद्र सरकार इस मसले पर बात करे। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को सऊदी हुकूमत से बात पुराना कोटा बहाल कराने की कोशिश करनी चाहिए।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने हिंदुस्तान से जाने वाले हज यात्रियों का कोटा 20 फीसदी तक कम कर दिया है। हिंदुस्तान से हज पर जाने वाले लोगों में यूपी की हिस्सेदारी 25 फीसदी है। कोटा कम किए जाने का सर्वाधिक असर यूपी पर पड़ेगा। हज पर जाने के इच्छुक लोग अपने फार्म भी जमा करा चुके हैं। इस स्थिति में अगर कोटा कम किया जा सकता है तो लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। लिहाजा केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर सऊदी हुकूमत से बात करें। ताकि हज यात्रियों के कोटा में किसी तरह की कटौती ना होने पाए।
भाजपा-जदयू गठबंधन में आई दरार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दोनों के रिश्ते में तल्खी आ चुकी है। गठबंधन का टूटना तो तय है। बेहतर तो यह होता कि गुजरात दंगों के वक्त ही नीतीश कुमार भाजपा गठबंधन से अलग हो जाते। नीतीश के तीसरे मोर्चे में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी दोनों के बीच रिश्ते पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं। जब रिश्ते तोड़ने का औपचारिक तौर पर ऐलान होगा तो इस पर विचार किया जा सकता है।
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रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने हिंदुस्तान से जाने वाले हज यात्रियों का कोटा 20 फीसदी तक कम कर दिया है। हिंदुस्तान से हज पर जाने वाले लोगों में यूपी की हिस्सेदारी 25 फीसदी है। कोटा कम किए जाने का सर्वाधिक असर यूपी पर पड़ेगा। हज पर जाने के इच्छुक लोग अपने फार्म भी जमा करा चुके हैं। इस स्थिति में अगर कोटा कम किया जा सकता है तो लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। लिहाजा केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर सऊदी हुकूमत से बात करें। ताकि हज यात्रियों के कोटा में किसी तरह की कटौती ना होने पाए।
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भाजपा-जदयू गठबंधन में आई दरार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दोनों के रिश्ते में तल्खी आ चुकी है। गठबंधन का टूटना तो तय है। बेहतर तो यह होता कि गुजरात दंगों के वक्त ही नीतीश कुमार भाजपा गठबंधन से अलग हो जाते। नीतीश के तीसरे मोर्चे में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी दोनों के बीच रिश्ते पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं। जब रिश्ते तोड़ने का औपचारिक तौर पर ऐलान होगा तो इस पर विचार किया जा सकता है।
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